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ऑपरेशन थिएटर में मचा हड़कंप
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ब्रह्मपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में बुनियादी ढांचे और मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल
ब्रह्मपुर। ओडिशा के गंजाम जिले के ब्रह्मपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सर्जरी के दौरान अचानक बिजली गुल हो जाने की घटना ने अस्पताल प्रशासन की तैयारियों और बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। इस अप्रत्याशित घटना के बाद ऑपरेशन थिएटर में मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई, जबकि मरीज की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सर्जरी विभाग में एक मरीज का ऑपरेशन चल रहा था, तभी अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और ऑपरेशन थिएटर अंधेरे में डूब गया। हालांकि कुछ ही देर बाद जनरेटर के माध्यम से बिजली बहाल कर दी गई, लेकिन काफी समय तक ऑपरेशन थिएटर तक बिजली नहीं पहुंच पाई, जिससे सर्जरी प्रक्रिया प्रभावित हुई।
रायगड़ा जिले का है मरीज
सूत्रों के मुताबिक, जिस मरीज का ऑपरेशन किया जा रहा था, वह रायगड़ा जिले के पदमपुर क्षेत्र का रहने वाला है। बिजली गुल होने की यह घटना ऐसे समय हुई, जब ऑपरेशन अपने अहम चरण में था, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई।
एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के दौरान बिजली गुल
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन थिएटर के लिए विशेष रूप से लगाए गए यूपीएस सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण यह घटना हुई। आरोप है कि यूपीएस सिस्टम का नियमित रखरखाव नहीं किया गया, जिससे महत्वपूर्ण समय पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। अस्पताल में यूपीएस और विद्युत व्यवस्था के रखरखाव की जिम्मेदारी जनरल इलेक्ट्रिकल डिवीजन (जीडी) के पास है, लेकिन समय पर मरम्मत और नियमित जांच के अभाव को इस घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।
अस्पताल के अधीक्षक ने घटना की पुष्टि की
हालांकि जीईडी अधिकारियों की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक प्रोफेसर दुर्गा माधब सतपथी ने बिजली गुल होने की घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यूपीएस सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि मरम्मत और रखरखाव का काम शुरू कर दिया गया है और संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमोदन भी मांगा गया है।
एक मिनट से अधिक समय तक बाधित रही आपूर्ति
प्रो सतपथी के अनुसार, डॉक्टर सर्जरी की तैयारी कर रहे थे, तभी बिजली चली गई। हालांकि करीब एक मिनट छह सेकंड के भीतर जनरेटर के जरिए बिजली बहाल कर दी गई। अब यूपीएस सिस्टम की मरम्मत की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में आपात सेवाओं के लिए बिजली व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑपरेशन थिएटर जैसी संवेदनशील जगहों पर बिजली आपूर्ति में जरा-सी भी चूक मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन इस घटना से सबक लेकर व्यवस्था को कितना मजबूत करता है।
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