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नियमों का पालन न करने वाले वाहनों का फास्टैग होगा निष्क्रिय
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ओडिशा में फरवरी से लागू होंगे सख्त यातायात नियम
भुवनेश्वर। ओडिशा में जिन वाहनों के पास वैध थर्ड पार्टी बीमा या प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) नहीं है, उनके लिए फास्टैग रिचार्ज पर रोक लगेगी। यह व्यवस्था 1 फरवरी से लागू होगी। नियमों का पालन न करने वाले वाहनों का फास्टैग निष्क्रिय कर दिया जाएगा, जिससे टोल प्लाजा पर दोगुना शुल्क या भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।
बकाया चालान भी बनेगा रुकावट
परिवहन विभाग के अनुसार जिन वाहनों पर यातायात चालान बकाया है, उनका भी फास्टैग बंद किया जाएगा। फास्टैग दोबारा सक्रिय कराने के लिए वाहन मालिकों को सभी बकाया राशि का भुगतान करना होगा और वैध बीमा व पीयूसी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
केंद्र के निर्देश पर राज्य में लागू
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने यह व्यवस्था देशभर में लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में ओडिशा के परिवहन विभाग ने राज्य परिवहन प्राधिकरण को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है।
व्यावसायिक वाहनों पर पहले से सख्ती
राज्य में 1 जनवरी से सार्वजनिक सेवा और व्यावसायिक वाहनों, जैसे टैक्सी, बस, ट्रक और राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों, के लिए सख्त नियम पहले ही लागू हैं। इन सभी वाहनों में वाहन स्थान ट्रैकिंग उपकरण (जीपीएस आधारित) अनिवार्य कर दिया गया है। इन उपकरणों के बिना नया पंजीकरण, नवीनीकरण या स्वामित्व हस्तांतरण नहीं किया जाएगा। साथ ही इन प्रक्रियाओं के दौरान भौतिक जांच भी अनिवार्य कर दी गई है।
1 अप्रैल से फिटनेस और प्रदूषण जांच में ऑन-साइट निरीक्षण
1 अप्रैल से फिटनेस प्रमाणपत्र और प्रदूषण जांच के लिए मौके पर वाहन निरीक्षण अनिवार्य होगा। प्रमाणपत्र केवल उन्हीं वाहनों को मिलेगा, जिनका बीमा वैध होगा और जिन पर कोई बकाया चालान नहीं होगा। यही शर्त वाहन परमिट जारी करने पर भी लागू होगी।
‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नीति की नई तारीख
‘पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं’ नीति को भी 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। पहले यह नीति 1 जनवरी से लागू होनी थी, जिसे पहले 1 फरवरी तक और अब बढ़ाकर 31 मार्च तक की छूट दी गई है, ताकि वाहन मालिक आवश्यक दस्तावेज पूरे कर सकें।
वाहन मालिकों के लिए सलाह जारी
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय रहते बीमा, पीयूसी और बकाया चालान से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि फास्टैग बंद होने, दोगुना टोल या अन्य दंड से बचा जा सके।
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