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वीके पांडियन के खिलाफ आरोपों की जांच की तैयारी

  •     ओडिशा सीआईडी-क्राइम ब्रांच ने मांगे दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य

भुवनेश्वर। ओडिशा सीआईडी-क्राइम ब्रांच ने पूर्व 5-टी चेयरमैन वीके पांडियन के खिलाफ लगाए गए विभिन्न आरोपों की जांच को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है। एजेंसी ने शिकायतकर्ता से दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि आरोपों की औपचारिक जांच शुरू की जा सके।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने ब्रह्मपुर स्थित भारतीय विकास परिषद के अध्यक्ष सुरेंद्र पाणिग्राही को पत्र लिखकर पांडियन के खिलाफ लगाए गए आरोपों से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जमा करने का अनुरोध किया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्यों की प्राप्ति और परीक्षण के बाद ही जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठकों से जुड़े रिकॉर्ड पर फोकस

क्राइम ब्रांच ने विशेष रूप से उन बैठकों से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं, जिनके बारे में शिकायत में दावा किया गया है कि वे प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन कर आयोजित की गई थीं। एजेंसी का कहना है कि इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए आरोपों की सत्यता की जांच की जाएगी और यह आकलन किया जाएगा कि मामले में औपचारिक केस दर्ज किया जा सकता है या नहीं।

ओडिशा बिजनेस रूल्स के उल्लंघन का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीके पांडियन ने 5टी चेयरमैन के कार्यकाल के दौरान ओडिशा बिजनेस रूल्स, 1956 का उल्लंघन करते हुए कई बैठकें कीं। सुरेंद्र पाणिग्राही का दावा है कि ये बैठकें निर्धारित प्रक्रिया, अधिकार और नियमों का पालन किए बिना आयोजित की गईं। इसी आधार पर उन्होंने कटक स्थित सीआईडी-क्राइम ब्रांच से विस्तृत जांच की मांग की थी।

क्राइम ब्रांच का प्रक्रियागत रुख

सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी-क्राइम ब्रांच ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए जांच की तय प्रक्रिया के तहत पहले साक्ष्य मांगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिना ठोस दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण के आरोपों की विस्तृत जांच संभव नहीं है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि साक्ष्य प्रस्तुत करना जांच को आगे बढ़ाने के लिए अनिवार्य है।

जांच की समय-सीमा तय नहीं

क्राइम ब्रांच ने फिलहाल इस प्रारंभिक चरण को पूरा करने के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है। एजेंसी का कहना है कि साक्ष्यों की उपलब्धता और उनके परीक्षण के बाद ही अगले कदम पर निर्णय लिया जाएगा।

हालांकि अब तक वीके पांडियन की ओर से न तो आरोपों पर और न ही क्राइम ब्रांच द्वारा साक्ष्य मांगे जाने के कदम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि एजेंसी ने इस स्तर पर कोई आंतरिक प्रारंभिक मूल्यांकन किया है या नहीं।

फिलहाल मामला साक्ष्य संग्रह के चरण में है। सीआईडी-क्राइम ब्रांच शिकायतकर्ता से दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मिलने का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर जांच की आगे की दिशा तय की जाएगी।

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