भुवनेश्वर। सीशोर चिटफंड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक पूरक अभियोजन शिकायत दायर की है। यह जानकारी देते हुए ईडी ने मंगलवार को कहा कि उसने कटक के पूर्व विधायक प्रभात रंजन बिस्वाल, उनकी पत्नी लक्ष्मी बिलासानी बिस्वाल, सीशोर सिक्योरिटीज लिमिटेड, सीशोर मल्टीपर्पज को-ऑपरेटिव लिमिटेड, इसके दो निदेशकों प्रशांत कुमार दाश और प्रभात कुमार दाश के साथ-साथ अन्य तीन के खिलाफ दूसरी पूरक अभियोजन शिकायत भुवनेश्वर में एक विशेष अदालत (पीएमएलए) के समक्ष दर्ज की है।
कोर्ट ने अभियोजन की शिकायत पर संज्ञान लिया है। ईडी ने पहले इस मामले में 2016 में अभियोजन शिकायत दर्ज की थी और 2017 में पूरक शिकायत भी दायर की थी।
ईडी ने ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की, जिसमें बाद में आईपीसी, प्राइज चिट्स और मनी सर्कुलेशन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम की विभिन्न धाराओं और ओडिशा जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय प्रतिष्ठानों में) अधिनियम के तहत आरोप पत्र भी दायर किया गया था। बाद में ओडिशा उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच शुरू की। ईडी की जांच से पता चला है कि सीशोर समूह की कंपनियों ने अपनी पंजीकृत सहकारी समितियों के माध्यम से जनता से भारी धन एकत्र किया था और इस तरह के धन के स्रोत को छिपाने और इस तरह से इसे छुपाने के लिए इन फंडों को अपनी अन्य शेल कंपनियों और विभिन्न संबंधित व्यक्तियों को भेज दिया गया था।
ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।
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