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सीमावर्ती गांवों के मतदाताओं ने आंध्र प्रदेश के सारिका में डाले वोट
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ओडिशा में बढ़ा सीमा विवाद
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आठ अतिरिक्त प्लाटून की तैनाती और निषेधाज्ञा के बावजूद प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
भुवनेश्वर। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच लंबे समय से विवादित कोटिया सीमा क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ओडिशा प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती के बावजूद कोटिया क्षेत्र के बड़ी संख्या में मतदाता सीमा पार कर आंध्र प्रदेश के सारिका पहुंचे और वहां स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान किया। इस घटनाक्रम ने ओडिशा के प्रशासनिक तंत्र और सीमा क्षेत्र में राज्य के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
आठ अतिरिक्त प्लाटून की तैनाती भी नहीं रोक सकी मतदान
सीमा क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित रखने और आंध्र प्रदेश की ओर से चुनावी गतिविधियां संचालित करने के प्रयासों को रोकने के लिए ओडिशा सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की थी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने एक दिन पहले ही कोटिया ग्राम पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस की आठ अतिरिक्त प्लाटून तैनात करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू की गई थी।
मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा था कि ओडिशा सरकार राज्य की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने आंध्र प्रदेश प्रशासन पर क्षेत्र में यथास्थिति बनाए रखने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने और आदिवासी निवासियों को अपने चुनावी ढांचे में शामिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया था।
मतदान को लेकर ओडिशा में राजनीतिक विरोध
सीमा पार कर आंध्र प्रदेश में मतदान करने की घटना के बाद ओडिशा के स्थानीय नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि जो लोग ओडिशा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सड़क, बिजली, पानी और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाते हैं, वे दूसरे राज्य की चुनावी प्रक्रिया में किस आधार पर हिस्सा ले रहे हैं।
आलोचकों ने यह भी सवाल उठाया है कि पहले से चेतावनी और प्रशासनिक निर्देश जारी होने के बावजूद सुरक्षा बल मतदाताओं को सीमा पार जाने से क्यों नहीं रोक सके। इस घटनाक्रम को स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और सीमावर्ती क्षेत्र में ओडिशा के प्रशासनिक नियंत्रण के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
21 गांवों को लेकर लंबे समय से विवाद
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच कोटिया ग्राम पंचायत के 21 गांवों को लेकर लंबे समय से सीमा एवं प्रशासनिक अधिकारों का विवाद चला आ रहा है। पूर्वी घाट के इस क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर कानूनी लड़ाई भी जारी है। चुनाव की घोषणा होते ही दोनों राज्यों के बीच प्रशासनिक तनाव फिर उभर आता है और सीमावर्ती गांवों के निवासी दो अलग-अलग प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच उलझ जाते हैं।
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