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सभी 30 जिलों में 6 नवंबर को वज्रपात और तेज हवाओं का येलो अलर्ट
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40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
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अगले तीन दिनों में रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट का अनुमान
भुवनेश्वर। ओडिशा में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर ने 6 नवंबर को राज्य के सभी 30 जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कुछ स्थानों पर बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं। वहीं, आने वाले दिनों में रात के तापमान में गिरावट से ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। आंतरिक और पहाड़ी इलाकों में ठंड का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक महसूस हो सकता है।
पुरी सबसे गर्म, पारलाखेमुंडी में सबसे कम तापमान
मौसम विभाग के पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, पुरी में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में पारलाखेमुंडी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पहाड़ी पर्यटन स्थल दारिंगबाड़ी में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा।
माहंगा में सर्वाधिक 55 मिलीमीटर बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। कटक जिले के माहंगा में सर्वाधिक 55 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके बाद बरगड़ जिले के झारबंध में 54 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जगतसिंहपुर जिले के कुजंग में 49 मिलीमीटर और बालिकुड़ा में 47 मिलीमीटर वर्षा हुई।
राजधानी भुवनेश्वर में अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां 3.6 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, कटक में 18.8 मिलीमीटर वर्षा के साथ न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
बिजली गिरने और तेज हवाओं से सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने येलो अलर्ट वाले जिलों में लोगों को गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर नहीं रहने की सलाह दी है। किसानों और यात्रियों को भी मौसम की स्थिति के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाने को कहा गया है। अगले कुछ दिनों तक मौसम के नियमित पूर्वानुमान पर नजर रखने की आवश्यकता है।
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