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हजारों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
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कक्षाओं में जमा है मिट्टी और गाद
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किताबें-फर्नीचर से लेकर मध्याह्न भोजन का अनाज तक बर्बाद
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11 ब्लॉकों के स्कूलों की हालत खराब
ब्रह्मपुर। ओडिशा के गंजाम जिले में चक्रवात अर्णव के बाद आई बाढ़ ने शिक्षा व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। जिले के करीब 150 स्कूलों की हालत इतनी खराब हो गई है कि वहां तत्काल पढ़ाई शुरू करना मुश्किल हो गया है। स्कूलों की कक्षाओं में मिट्टी और गाद जमा है, फर्नीचर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं तथा परिसर में जगह-जगह मलबा बिखरा पड़ा है। हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ स्कूलों को दोबारा शुरू करने की चुनौती शिक्षा विभाग के सामने खड़ी हो गई है।
किताबें, शिक्षण सामग्री और मध्याह्न भोजन का अनाज बर्बाद
बाढ़ का असर केवल स्कूल भवनों तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में किताबें, कॉपियां, शिक्षण सामग्री, विज्ञान प्रयोगशालाओं के उपकरण और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज भी पानी में खराब हो गए हैं। मध्याह्न भोजन योजना के लिए रखे गए चावल और दाल के भंडार को भी नुकसान पहुंचा है। स्कूल परिसरों में जमा मलबे के बीच सांप दिखाई देने से विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
हरिहर हाईस्कूल और सरकारी स्कूलों में भारी नुकसान
आस्का स्थित हरिहर हाईस्कूल में बाढ़ का पानी पूरे परिसर में फैल गया था। स्कूल कर्मचारियों ने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन अधिकांश सामग्री को बचाया नहीं जा सका। कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को छोड़कर स्कूल का अधिकतर सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
इसी तरह पुरुषोत्तमपुर ब्लॉक के हांडीघर सरकारी उत्क्रमित हाईस्कूल परिसर में मोटी परत में गाद जमा हो गई है। शिक्षक और कर्मचारी पिछले तीन दिनों से परिसर की सफाई में जुटे हैं। गाद हटाने के लिए ट्रैक्टर तक लगाना पड़ा, इसके बावजूद स्कूल को दोबारा खोलने की स्थिति नहीं बन पाई है।
11 ब्लॉकों के स्कूल बाढ़ से प्रभावित
जिले के के. नुआगांव अपर प्राइमरी स्कूल, बुरुपड़ा हाईस्कूल और केएनपुर नोडल हाईस्कूल सहित कई अन्य शिक्षण संस्थानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ का असर भंजनगर, आस्का, पुरुषोत्तमपुर, धाराकोट, शेरगढ़, सोरड़ा, चिकिटी, पात्रपुर, दिग्गपहंडी, सानखेमुंडी और बेलागुंठा सहित 11 ब्लॉकों में देखा गया है।
तीसरी बार टली स्कूलों के खुलने की तारीख
दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद जिले के स्कूलों को पहले 27 अक्टूबर से खोलने का कार्यक्रम था। लेकिन चक्रवात अर्नब के कारण इसे बढ़ाकर 29 अक्टूबर कर दिया गया। इसके बाद भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए स्कूलों को 4 नवंबर तक बंद रखने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, करीब 150 स्कूलों में भारी नुकसान के कारण अब भी पढ़ाई शुरू करना संभव नहीं दिख रहा है।
स्कूलों की सफाई और मरम्मत में जुटा शिक्षा विभाग
जिला शिक्षा विभाग प्रभावित स्कूलों से मलबा हटाने, कक्षाओं की सफाई करने और आवश्यक सुविधाओं को बहाल करने में जुटा है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जल्द से जल्द शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की है। बाढ़ से हुए नुकसान के कारण गंजाम के हजारों बच्चों की पढ़ाई सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।
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