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गंजाम, गजपति और कंधमाल में भारी नुकसान का आकलन
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आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के निर्माण को 10 हजार करोड़ के विशेष पैकेज की भी मांग
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केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण पूरा किया
भुवनेश्वर। चक्रवात अर्णव और उसके बाद हुई भारी बारिश एवं बाढ़ से ओडिशा के प्रभावित जिलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से 2,526 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है। इसके साथ ही भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने और मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग भी की गई है।
राज्य के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल ने बताया कि केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की। इस दौरान तत्काल राहत, पुनर्वास और पुनर्बहाली कार्यों के साथ-साथ आपदा से हुए नुकसान और केंद्रीय सहायता की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
कृषि और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन
केंद्रीय टीम ने गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों के प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान कृषि भूमि, नदी तटबंधों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया गया। टीम ने प्रभावित इलाकों की स्थिति और नुकसान की वास्तविक सीमा का जायजा लिया।
केंद्रीय टीम 10 दिनों में आकलन रिपोर्ट सौंपेगी
अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय टीम अगले 8 से 10 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत नुकसान आकलन रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
व्यापक तबाही वाले क्षेत्र
चक्रवात अर्णव और उसके बाद आई बाढ़ ने ओडिशा में व्यापक तबाही मचाई है। कई इलाकों में खेतों, सड़कों, मकानों और सरकारी कार्यालयों को भारी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का वास्तविक आकलन करने में अभी सात से आठ दिन का समय और लगेगा।
आपदाओं के स्थायी समाधान पर भी विशेष ध्यान जरूरी – सीएम
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय दल से कहा कि ओडिशा में बाढ़, चक्रवात और गर्मी की लहर जैसी प्राकृतिक आपदाएं बार-बार आती हैं। इससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित होते हैं। इसलिए केंद्र से मिलने वाली सहायता केवल तत्काल राहत और पुनर्निर्माण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि आपदाओं के स्थायी समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा को चक्रवात और बाढ़ से बचाव के लिए मजबूत एवं आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है। इससे लोगों को बार-बार होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से स्थायी राहत मिल सकेगी और राज्य का विकास भी निर्बाध गति से आगे बढ़ सकेगा।
ऋषिकुल्या नदी में उफान से खेतों और मकानों में जमा हुई रेत
केंद्रीय दल के प्रमुख रविशंकर ने बताया कि गंजाम और गजपति जिलों के दौरे के दौरान बाढ़ से हुई व्यापक क्षति सामने आई है। गंजाम जिले में ऋषिकुल्या नदी का पानी फैलने से कई इलाकों में भारी मात्रा में रेत और मिट्टी जमा हो गई है। इसका असर कृषि भूमि, सड़कों, मकानों और सरकारी कार्यालयों पर पड़ा है। कई मकान भले ही पूरी तरह ध्वस्त नहीं हुए हों, लेकिन बाढ़ के कारण उनकी संरचना कमजोर हो गई है।
उन्होंने कहा कि ऋषिकुल्या नदी से रेत और गाद हटाने के लिए दीर्घकालिक स्तर पर व्यापक डी-सिल्टिंग की जरूरत है। इससे भविष्य में बाढ़ के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा से हुए नुकसान की व्यापकता को देखते हुए इसका पूरा आकलन करने में सात से आठ दिन और लगेंगे।
राहत और बहाली कार्यों के लिए राज्य सरकार की सराहना
केंद्रीय दल के प्रमुख ने चक्रवात और बाढ़ के बाद राज्य सरकार की ओर से तेजी से चलाए गए राहत एवं बहाली कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से काम किया है। अधिकांश सड़कें फिर से आवागमन के योग्य हो गई हैं और बिजली आपूर्ति भी बहाल कर दी गई है।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने राज्य में हुए नुकसान और सरकार की ओर से उठाए गए राहत एवं बचाव कदमों की जानकारी दी। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि राज्य सरकार ने नुकसान का प्रारंभिक आकलन कर लिया है और राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों के लिए केंद्र सरकार को सहायता संबंधी मांग पत्र सौंपा है।
बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शाश्वत मिश्र, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ अरविंद पाढ़ी, विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल तथा केंद्रीय दल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
4.30 लाख से अधिक परिवारों को 107.70 करोड़ की तत्काल राहत
इधर, चक्रवात अर्णव से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने के लिए ओडिशा सरकार ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से 107.70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित राहत पैकेज के तहत प्रत्येक पात्र प्रभावित परिवार को 2,500 रुपये दिए जाएंगे।
इसमें गंजाम जिले के 4,29,782 परिवारों के लिए 107.44 करोड़ रुपये तथा कोरापुट जिले के 1,051 परिवारों के लिए 26.27 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
जिलाधीशों को शीघ्र भुगतान का निर्देश
राज्य सरकार ने स्वीकृत राशि संबंधित जिलों के जिलाधीशों को उपलब्ध करा दी है। उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र परिवारों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
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