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केंद्र और राज्य सरकार ने मिलाया हाथ
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तालचेर से पारादीप-धामरा होते हुए पश्चिम बंगाल तक विकसित होगा जल परिवहन नेटवर्क
भुवनेश्वर। ओडिशा में अंतर्देशीय जल परिवहन और बंदरगाह आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार ने राष्ट्रीय जलमार्ग-5 (एनडब्ल्यू-5) परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की पहल की है। इस सिलसिले में भुवनेश्वर में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग और केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने की। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
588 किलोमीटर में फैला होगा जलमार्ग
राष्ट्रीय जलमार्ग-5 की कुल लंबाई 588 किलोमीटर निर्धारित की गई है। इस परियोजना के तहत दो प्रमुख हिस्सों में जल परिवहन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। पहला 332 किलोमीटर लंबा नदी मार्ग तालचेर से पारादीप और धामरा तक ओडिशा के भीतर विकसित होगा। वहीं दूसरा 256 किलोमीटर लंबा नहर मार्ग धामरा से पश्चिम बंगाल के जियानखाली तक विस्तारित होगा।
परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने की प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने पर ओडिशा के खनिज संपन्न और औद्योगिक क्षेत्रों को अंतर्देशीय जलमार्ग के माध्यम से बंदरगाहों तक सस्ती और सुगम माल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
भूमि अधिग्रहण और आधारभूत सुविधाओं पर चर्चा
बैठक में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) और ओडिशा सरकार के बीच समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। परियोजना के क्रियान्वयन और संचालन में राज्य सरकार की भागीदारी, टर्मिनल निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण, जल संरचनाओं के विकास और आवश्यक वैधानिक मंजूरियों जैसे विषय प्रमुख रहे।
इसके अलावा जलमार्ग पर निर्धारित न्यूनतम उपलब्ध गहराई बनाए रखने के लिए आवश्यक जल उपलब्ध कराने, खालपाल नौवहन लॉक के निर्माण, पुलों में आवश्यक बदलाव, अंतिम छोर तक सड़क संपर्क विकसित करने तथा बिजली और अन्य उपयोगिता सेवाओं की लाइनों को स्थानांतरित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बाहुड़ा बंदरगाह और पुरी क्रूज टर्मिनल पर भी मंथन
राष्ट्रीय जलमार्ग-5 के साथ ओडिशा की अन्य महत्वपूर्ण समुद्री और पर्यटन परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। इनमें प्रस्तावित बाहुड़ा मुहान बंदरगाह, केंद्रापड़ा में ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण क्लस्टर और पुरी में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रूज टर्मिनल विकसित करने की योजना शामिल है।
समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार का सहयोग
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय जलमार्ग-5 के ओडिशा वाले हिस्से के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की ओर से पूरा प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही संबंधित बंदरगाह और पर्यटन परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने में आवश्यक सहायता दी जाएगी।
इस परियोजना के विकसित होने से ओडिशा के खनिज एवं औद्योगिक क्षेत्रों को जल परिवहन का वैकल्पिक माध्यम मिलेगा। इससे माल ढुलाई की लागत कम करने, बंदरगाहों से संपर्क मजबूत करने और राज्य में औद्योगिक निवेश एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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