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गवाह को धमकाने के मामले में कार्रवाई
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जेल परिसर से मोबाइल फोन के इस्तेमाल का आरोप
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पूर्व विधायक विक्रम पंडा समेत तीन के खिलाफ दर्ज है मामला
ब्रह्मपुर। गंजाम जिले के ब्रह्मपुर सर्किल जेल में तैनात मनोचिकित्सक डॉ सुशांत कुमार पाणिग्राही को ओडिशा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पूर्व ब्रह्मपुर विधायक और बीजद नेता विक्रम कुमार पंडा से जुड़े एक मामले में जेल परिसर से कथित तौर पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल और एक महत्वपूर्ण गवाह को प्रभावित करने के आरोपों की पुलिस जांच के बाद की गई है।
गवाह से बातचीत के लिए डॉक्टर के मोबाइल के इस्तेमाल का आरोप
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा नेता पितावास पंडा हत्याकांड में न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान विक्रम पंडा और उनके सहयोगी मदन मोहन दलाई ने कथित तौर पर 28 अगस्त 2026 को जेल के डॉक्टर के मोबाइल फोन से मामले के प्रमुख गवाह ललित मंगराज से संपर्क किया था। पुलिस का आरोप है कि बातचीत के दौरान गवाह को अपना बयान बदलने के लिए कथित रूप से प्रलोभन और धमकी दी गई।
गवाह ललित मंगराज की शिकायत के बाद गोसानिनुआगांव थाने में वाक्रम कुमार पंडा, मदन मोहन दलाई और जेल के डॉक्टर डॉ पाणिग्राही के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जेल के डॉक्टर के कक्ष और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के साथ कॉल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की है।
करीब तीन घंटे हुई डॉक्टर से पूछताछ
पुलिस ने डॉ पाणिग्राही का मोबाइल फोन जब्त कर उनसे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी। जांच में कॉल रिकॉर्ड, ऑडियो और सीसीटीवी फुटेज सहित तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि जेल के अंदर प्रतिबंधित मोबाइल फोन का इस्तेमाल किस तरह हुआ और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।
पुलिस के अनुसार, गवाह ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर के कक्ष से उसे फोन किया गया और इसके बाद विक्रम पंडा ने उससे बातचीत की। कथित बातचीत में गवाह पर मामले में गवाही नहीं देने का दबाव बनाए जाने का आरोप है। इन आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय करना जांच का विषय है।
विभागीय कार्रवाई के साथ निलंबन
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश में डॉ पाणिग्राही के खिलाफ ओडिशा सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) नियम, 1962 के तहत विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित होने का उल्लेख किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सिटी अस्पताल, ब्रह्मपुर रहेगा। पूर्व अनुमति के बिना उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और नियमानुसार उन्हें निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
पितावास पंडा हत्याकांड से जुड़ा है मामला
वरिष्ठ अधिवक्ता पितावास पंडा की अक्टूबर 2025 में हुई हत्या के मामले में विक्रम पंडा समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। ओडिशा हाईकोर्ट ने 31 अगस्त 2026 को विक्रम पंडा की जमानत याचिका पर आदेश दिया था। मूल हत्याकांड में मामला वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया के तहत है।
गवाह को कथित रूप से प्रभावित करने का नया मामला इस जांच को एक अलग दिशा देता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल परिसर में मोबाइल फोन कैसे पहुंचा, उसका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में हुआ और कथित बातचीत में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी। मामले की जांच जारी है।
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