Home / Odisha / यूपीआई भुगतान पर एमडीआर के खिलाफ कैट ओडिशा लामबंद
IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

यूपीआई भुगतान पर एमडीआर के खिलाफ कैट ओडिशा लामबंद

  •     व्यापारियों ने अतिरिक्त शुल्क और 18% जीएसटी का किया विरोध

  •     23 सितंबर को सभी जिलों में वित्त मंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन

भुवनेश्वर। यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) और उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने के प्रस्ताव का कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट), ओडिशा ने कड़ा विरोध किया है। इस मुद्दे पर शुक्रवार को कैट ओडिशा की ओर से राज्यव्यापी जूम बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न जिलों के व्यापारिक संगठनों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में व्यापारिक नेताओं ने यूपीआई भुगतान पर किसी भी प्रकार का एमडीआर, अतिरिक्त कर या शुल्क लगाने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि ऐसा शुल्क लागू होने से व्यापारियों और कारोबारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा और इसका असर डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

23 सितंबर को जिलों में सौंपा जाएगा ज्ञापन

बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। यह ज्ञापन राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर संबंधित जिलाधिकारियों अथवा अतिरिक्त जिलाधिकारियों के माध्यम से 23 सितंबर 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे सौंपा जाएगा।

कैट ओडिशा ने बताया कि संगठन की ओर से शुक्रवार को ही वित्त मंत्री को ई-मेल भेजकर प्रस्तावित यूपीआई एमडीआर को तत्काल वापस लेने का आग्रह किया गया है।

बैठक में कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके शुक्ला, ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता, प्रदेश सचिव प्रकाश जैन, उपाध्यक्ष अर्चना गडोदिया सहित राज्य के विभिन्न जिलों के कैट पदाधिकारी और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

प्रस्ताव वापस नहीं हुआ तो सात दिन यूपीआई बंद रखने पर विचार

कैट ओडिशा ने कहा है कि यदि सरकार प्रस्ताव पर पुनर्विचार नहीं करती अथवा व्यापारियों को संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो राज्य के व्यापारी 1 अक्टूबर 2026 से सात दिनों तक यूपीआई के माध्यम से भुगतान स्वीकार नहीं करने के विरोध कार्यक्रम पर विचार करेंगे।

संगठन ने इस संबंध में व्यापारियों, कारोबारी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से एकजुट रहने तथा लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखने की अपील की है।

कैट ओडिशा ने यह भी निर्णय लिया है कि प्रस्तावित यूपीआई शुल्क को लेकर व्यापारियों और कारोबारियों की चिंताओं को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी प्रतिनिधित्व के माध्यम से रखा जाएगा।

Share this news

About desk

Check Also

‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो में सफल भागीदारी के बाद भुवनेश्वर लौटे मुख्यमंत्री

    स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने किया स्वागत     नवीकरणीय ऊर्जा निवेश को …