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अनधिकृत पेड़ कटाई का भी लगा है आरोप
भुवनेश्वर। नवरंगपुर के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) ने अनधिकृत रूप से पेड़ों की कटाई और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में एक फॉरेस्टर को निलंबित कर दिया है।
कार्यालय आदेश के अनुसार, डाबुगांव रेंज के मैदलपुर सेक्शन में तैनात फॉरेस्टर बिपिन कुमार हरिजन, जो इससे पहले झरिगाम रेंज के मोहारा सेक्शन में फॉरेस्टर के प्रभारी थे, को 18 सितंबर 2026 की दोपहर से निलंबित किया गया है।
नवरंगपुर के संभागीय वन अधिकारी उदयन सुबुद्धि (आईएफएस) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि देवबंधा से जामदरपाड़ा सड़क के बीच यूकेलिप्टस के पेड़ों की अनधिकृत कटाई के मामले में प्रथम दृष्टया नियमों से विचलन पाया गया।
यह कार्रवाई झरिगांव के प्रभारी वन क्षेत्र अधिकारी (एफआरओ) की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी मेमो संख्या 608 के माध्यम से प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर की गई। रिपोर्ट परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित थी और इसमें झरिगाम रेंज के मोहारा सेक्शन के प्रभारी फॉरेस्टर के रूप में कार्यरत रहने के दौरान हरिजन से संबंधित कथित अवैध मौद्रिक लेनदेन के साक्ष्य का उल्लेख किया गया था।
वन विभाग ने इससे पहले हरिजन को 1 अगस्त 2026 को मेमो संख्या 5119 के माध्यम से कारण बताओ नोटिस जारी किया था। विभागीय आदेश के अनुसार, उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया और मामले में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
ओडिशा सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स, 1962 के नियम 12 के उप-नियम (1) के खंड (ए) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हरिजन को विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए आरोप तय किए जाने तक निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नवरंगपुर वन संभाग के संभागीय वन अधिकारी कार्यालय में निर्धारित किया गया है। उन्हें सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। निलंबन अवधि के दौरान वे ओडिशा सर्विस कोड के नियम 90 के अनुसार निर्वाह भत्ते के हकदार होंगे।
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