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ओडिशा में पर्यावरण संरक्षण के लिए नई पहल शुरू

  •     ओडिशा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का 43वां स्थापना दिवस मना

भुवनेश्वर। पर्यावरण संरक्षण के लिएनई पहल की शुरुआत के साथ ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भुवनेश्वर स्थितकृषि शिक्षा सदन, ओयूएटी में अपना 43वां स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम में वन, पर्यावरणएवं जलवायु परिवर्तन तथा श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा मंत्री गणेश रामसिंहखुंटिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।समारोह को संबोधित करते हुए मंत्रीसिंहखुंटिया ने कहा कि पिछले 43 वर्षों से राज्यप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समर्पण और पारदर्शिता के साथ पर्यावरण संरक्षण की अपनीजिम्मेदारी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड प्रमुख शहरों और औद्योगिकक्षेत्रों में वायु गुणवत्ता की निगरानी, नदियों और अन्यजलस्रोतों के जल की जांच, औद्योगिक अपशिष्ट के नियमन तथाविभिन्न प्रकार के कचरे के उचित प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।उन्होंने कहा कि बोर्ड की उपलब्धियोंमें उसके अभियंताओं, वैज्ञानिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों के निरंतर प्रयासों कीमहत्वपूर्ण भूमिका है।प्रदूषण रोकथाम के लिए युवाओं से आगेआने का आह्वानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषणनियंत्रण को लगातार प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासोंसे प्रेरणा लेते हुए बुद्धिजीवियों और युवाओं, विशेषकर जेन-जेड, को प्रदूषण की रोकथाम के प्रतिजागरूकता बढ़ाने तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए आगेआना चाहिए।उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थपर्यावरण के निर्माण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।चार शहरों में क्षेत्रीय कार्यालयोंकी आधारशिलास्थापना दिवस के अवसर पर बोर्ड के कटक, कोरापुट, झारसुगुड़ा और संबलपुरस्थित प्रस्तावित क्षेत्रीय कार्यालय भवनों की आधारशिला वर्चुअल माध्यम से रखी गई।कार्यक्रम के दौरान ड्रोन आधारितनिगरानी प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चैटबॉट का भी वर्चुअल शुभारंभ कियागया। इन पहलों के माध्यम से पर्यावरणीय निगरानी और नागरिक सेवाओं में प्रौद्योगिकीके उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी चारपुस्तकें जारीमंत्री ने पर्यावरण जागरूकता और बेहतरपर्यावरणीय प्रबंधन से संबंधित चार प्रकाशनों का विमोचन किया। इनमें सूक्ष्मप्लास्टिक और नैनो प्लास्टिक पर केंद्रित एक शोध पत्रिका, पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर कार्यप्रणालियों कासंकलन, जल प्रदूषण पर आधारित एक चित्रकथा पुस्तक तथाहितधारकों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पुस्तिका शामिल हैं।इसके बाद ओडिशा राज्य प्रदूषणनियंत्रण बोर्ड और गोठपटना स्थित नाल्को अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के बीचफ्लाई ऐश प्रबंधन को लेकर समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।पर्यावरण संरक्षण में योगदान देनेवाले संस्थानों का सम्मानकार्यक्रम में प्रदूषण नियंत्रण औरपर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में योगदान देने वाले विभिन्न क्षेत्रों के संगठनोंको सम्मानित किया गया। उद्योग, खनन और स्वास्थ्यसेवा श्रेणियों में पर्यावरण प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। औद्योगिक नगरश्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थान को पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कारप्रदान किया गया।समारोह में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिवभास्कर ज्योति सरमा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बलप्रमुख डॉ के. मुरुगेसन, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड केसदस्य सचिव डॉ मनोज वी नायर तथा ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय केकुलपति प्रोफेसर प्रभात कुमार राउल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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