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ओडिशा में चक्रवात की अफवाहों पर आईएमडी ने लगाया विराम

  •     19 सितंबर तक निम्न दबाव बनने की संभावना

  •     महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने चर्चाओं पर लगाई रोक

  •     कहा-अभी चक्रवात की कोई चेतावनी जारी नहीं

  •     उत्तर अंडमान सागर में चक्रवाती परिसंचरण

भुवनेश्वर। ओडिशा में संभावित चक्रवात को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में चल रही अटकलों के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों से घबराने और अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।

आईएमडी के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने स्पष्ट किया कि विभाग ने ओडिशा के लिए फिलहाल किसी चक्रवात को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि किसी निम्न दबाव के क्षेत्र के बनने से पहले ही चक्रवात की भविष्यवाणी करना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।

18 सितंबर को चक्रवाती परिसंचरण

आईएमडी के अनुसार, 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान सागर के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, निम्न दबाव बनने के बाद इसकी स्थिति और दिशा पर लगातार नजर रखी जाएगी। मौजूदा अनुमान के मुताबिक यह प्रणाली धीरे-धीरे मजबूत हो सकती है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर के आसपास दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकती है।

निम्न दबाव क्षेत्र के वास्तविक रूप का इंतजार

हालांकि, आईएमडी ने फिलहाल इसे चक्रवात के रूप में घोषित नहीं किया है। डॉ महापात्र ने कहा कि निम्न दबाव क्षेत्र के वास्तविक रूप से बनने के बाद ही उसकी तीव्रता, दिशा और संभावित प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन अधिक स्पष्ट रूप से किया जा सकता है।

अफवाहों से बचने की अपील

आईएमडी महानिदेशक ने सोशल मीडिया और निजी एजेंसियों की ओर से जारी किए जा रहे समय से पहले के पूर्वानुमानों को लेकर लोगों को सावधान किया। उन्होंने कहा कि किसी संभावित चक्रवात को लेकर अनिश्चित या अपुष्ट जानकारी से लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि मौसम प्रणाली की निगरानी के लिए आईएमडी के पूर्वानुमान मॉडल और निगरानी व्यवस्था लगातार काम कर रही है। इसलिए लोगों को केवल आईएमडी और अधिकृत मौसम एजेंसियों की ओर से जारी आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।

कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-वज्रपात का अलर्ट

चक्रवात को लेकर फिलहाल कोई चेतावनी नहीं होने के बावजूद ओडिशा के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए भारी बारिश तथा बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की है।

मयूरभंज, रायगड़ा, कोरापुट और गजपति में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की गति करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

तटीय और आंतरिक ओडिशा के कई जिलों में भी भारी बारिश और वज्रपात को लेकर पीली चेतावनी जारी की गई है। इनमें बालेश्वर, केंदुझर, गंजाम, मालकानगिरि और कलाहांडी सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।

19 और 20 सितंबर को भी बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को राज्य में व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना कम है, हालांकि करीब 22 जिलों में वज्रपात को लेकर चेतावनी बनी हुई है। शुक्रवार को बालेश्वर, केंदुझर और मयूरभंज में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

19 और 20 सितंबर को भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में इसके प्रभाव का आकलन और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

20 सितंबर तक समुद्र में जाने पर रोक नहीं

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार फिलहाल 20 सितंबर तक मछुआरों के समुद्र में जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। हालांकि, समुद्र की स्थिति और मौसम प्रणाली में होने वाले बदलावों को देखते हुए मछुआरों तथा तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की ताजा सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

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