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14 परियोजनाओं से 2.10 लाख करोड़ के निवेश का रास्ता खुला
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आईएचसी-अडाणी के साथ 14 नई परियोजनाओं पर समझौता
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एल्युमिनियम से लेकर दुर्लभ खनिज, स्वास्थ्य, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा तक निवेश की तैयारी
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की यूएई में लगातार उच्चस्तरीय बैठकें
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यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मारी से भी मुलाकात
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दुबई में निवेशकों से संवाद
आबू धाबी/दुबई/भुवनेश्वर। ओडिशा में बड़े पैमाने पर वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अगुवाई में संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा ने पहले ही दिन महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आबू धाबी में उद्योग जगत और निवेश संस्थानों के साथ व्यापक संवाद के बाद ओडिशा ने इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) और अडाणी समूह के साथ 14 नई परियोजनाओं के लिए समझौता किया है। इन प्रस्तावित परियोजनाओं में करीब 2.105 ट्रिलियन डॉलर यानी 2.10 लाख करोड़ के निवेश और लगभग 8.68 लाख रोजगार अवसर की संभावना जताई गई है।
मुख्यमंत्री ने यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मारी से भी मुलाकात की। इस दौरान ओडिशा और यूएई के बीच आर्थिक एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने तथा राज्य में यूएई आधारित कंपनियों के लिए नए निवेश अवसर तलाशने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने ओडिशा के अनुकूल कारोबारी माहौल, मजबूत औद्योगिक आधार और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश संभावनाओं से अवगत कराते हुए यूएई के निवेशकों को ओडिशा में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
आईएचसी-अडाणी के साथ 14 परियोजनाओं का विस्तार
ओडिशा के यूएई निवेश अभियान के सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में आईएचसी और अडाणी समूह के साथ 14 नई परियोजनाओं के लिए समझौता शामिल है। यह पहल 2 जुलाई 2026 को हुए महत्वपूर्ण समझौते को आगे बढ़ाती है। बैठक में आईएचसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैयद बसर शुएब, अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के प्रबंध निदेशक करण अडाणी और अडाणी ग्रीन एनर्जी के कार्यकारी निदेशक सागर अडाणी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रस्तावित निवेश का दायरा काफी व्यापक
प्रस्तावित निवेश का दायरा काफी व्यापक है। इसमें धातु आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योग, स्लरी पाइपलाइन, महत्वपूर्ण खनिज एवं दुर्लभ पृथ्वी तत्व, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उत्पाद, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण, स्वास्थ्य सेवाएं, औद्योगिक ढांचा, पर्यटन, कौशल विकास और खेल अवसंरचना जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे ओडिशा को केवल एक परियोजना के बजाय आईएचसी समूह के विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों के लिए संभावित निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावना बढ़ी है।
रायगड़ा और सुंदरगढ़ में एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना को गति
आईएचसी-अडाणी साझेदारी के तहत प्रस्तावित एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना को भी आगे बढ़ाया गया है। इसके लिए रायगड़ा जिले के कल्याणसिंहपुर तहसील में एल्युमिना रिफाइनरी तथा सुंदरगढ़ जिले के सदर सुंदरगढ़ तहसील में एल्युमिनियम स्मेल्टर के लिए संभावित भूमि पर विचार किया गया। इससे ओडिशा में एल्युमिनियम उद्योग की पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार हो सकता है।
यूएई के कारोबारियों के साथ व्यापार बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल ग्रुप (आईबीपीजी) के प्रतिनिधियों के साथ भी महत्वपूर्ण चर्चा की। इस दौरान ओडिशा सरकार और आईबीपीजी के बीच व्यापार को बढ़ावा देने तथा राज्य में निवेश के अवसर तलाशने के लिए सहयोग समझौता किया गया।
बैठक में ओडिशा के उत्पादों के यूएई बाजार में निर्यात को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। हल्दी, अदरक, समुद्री उत्पादों सहित अन्य उत्पादों के निर्यात, यूएई के प्रमुख ब्रांडों के लिए ओडिशा में अनुबंध आधारित विनिर्माण तथा उच्च कौशल वाले मानव संसाधन के लिए अवसर बढ़ाने पर चर्चा हुई। ओडिशा के उद्यमियों ने भी इसमें भाग लेकर यूएई बाजार से बेहतर कारोबारी संपर्क और बाजार उपलब्धता बढ़ाने पर अपने विचार रखे।
पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में भी बड़ा अवसर
मुख्यमंत्री ने बोरोउज के पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हजीम सुल्तान अल सुवैदी से मुलाकात कर ओडिशा में बड़े पैमाने पर रसायन डाउनस्ट्रीम परिसर विकसित करने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए पारादीप में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की प्रस्तावित नेफ्था क्रैकर परियोजना से कच्चे माल की संभावित आपूर्ति को आधार बनाया जा सकता है।
इस पहल का उद्देश्य ओडिशा के पेट्रोकेमिकल पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक मूल्यवर्धन करना और वैश्विक स्तर की पॉलिमर एवं रसायन तकनीक को राज्य तक लाना है।
बंदरगाह, बुनियादी ढांचे और पीपीपी परियोजनाओं पर निवेशकों की नजर
मुख्यमंत्री ने यूएई स्थित निवेश संस्थानों के साथ अलग दौर की बैठक में ओडिशा सरकार की उन परियोजनाओं को प्रस्तुत किया, जिन्हें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से विकसित किया जा सकता है। बुनियादी ढांचा, बंदरगाह, व्यापार और दीर्घकालिक निवेश साझेदारी इस चर्चा के प्रमुख विषय रहे।
इससे पहले आबू धाबी में भारतीय कारोबारी एवं पेशेवर समूह के साथ मुख्यमंत्री की बैठक ने ओडिशा और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में नया आधार तैयार किया था।
दुबई पहुंचे मुख्यमंत्री, निवेशकों के साथ नई बैठकों का दौर
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी 9 सितंबर की देर शाम दुबई पहुंचे, जहां यूएई में रह रहे ओडिया प्रवासियों और कारोबारी समुदाय के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। अब दुबई में निवेशकों और उद्योग जगत के साथ उच्चस्तरीय बैठकों का दौर शुरू हो रहा है।
मुख्यमंत्री की यूएई यात्रा 8 से 12 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित है। इस दौरान ओडिशा सरकार का उद्देश्य राज्य की औद्योगिक क्षमता, प्राकृतिक संसाधन, बंदरगाह आधारित अर्थव्यवस्था, पर्यटन, स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा और उभरते उद्योगों को वैश्विक निवेशकों के सामने रखना है।
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