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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने खोला निवेश का मोर्चा
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आबू धाबी में दिग्गज कारोबारी समूहों से सीधी बातचीत; पेट्रोकेमिकल, ऊर्जा, विनिर्माण और बुनियादी ढांचे पर नजर
आबू धाबी/भुवनेश्वर। ओडिशा अब वैश्विक निवेश की दौड़ में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सीधे दुनिया के प्रमुख कारोबारी केंद्रों का रुख कर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में संयुक्त अरब अमीरात पहुंचा ओडिशा का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को निवेश संपर्क अभियान के पहले पूर्ण दिन आबू धाबी में एक के बाद एक महत्वपूर्ण कारोबारी और निवेश बैठकों में जुटा रहा। सरकार ने यूएई के निवेशकों के सामने ओडिशा को केवल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य के रूप में नहीं, बल्कि विनिर्माण, ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, बुनियादी ढांचे और उभरते उद्योगों के लिए तैयार वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में पेश किया।
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब देश के कई राज्य खाड़ी देशों के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सक्रिय रूप से संपर्क अभियान चला रहे हैं। यूएई को वैश्विक पूंजी, कारोबारी समूहों और निवेश संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। ऐसे में ओडिशा ने भी अपनी औद्योगिक क्षमता और निवेश संभावनाओं को लेकर सीधा संवाद तेज कर दिया है।
निवेश नहीं, ठोस परियोजनाओं पर नजर
मुख्यमंत्री माझी ने संकेत दिया है कि ओडिशा का लक्ष्य केवल निवेश की घोषणाएं हासिल करना नहीं है। सरकार संभावित निवेश को जमीन पर उतरने वाली परियोजनाओं में बदलने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने, औद्योगिक साझेदारी विकसित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दे रही है।
ओडिशा सरकार के लिए यह रणनीति महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले निवेश संपर्क अभियानों में राज्य ने बड़े पैमाने पर निवेश रुचि और समझौते हासिल किए हैं। मई 2026 में अहमदाबाद, मुंद्रा और वडोदरा निवेश संपर्क अभियान में आठ समझौते तथा 63 निवेश प्रस्ताव सामने आए थे, जिनमें करीब 48,330 करोड़ रुपये की निवेश क्षमता और 67,838 से अधिक रोजगार की संभावना जताई गई थी।
इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी के साथ बड़ा कारोबारी संवाद
आबू धाबी में मुख्यमंत्री और ओडिशा प्रतिनिधिमंडल ने इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी तथा उसकी विभिन्न कारोबारी इकाइयों और समूह की कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ गोलमेज बैठक की। बैठक में ओडिशा में निवेश के संभावित क्षेत्रों और औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
राज्य की ओर से निवेशकों को ओडिशा के औद्योगिक आधार, बंदरगाहों, बुनियादी ढांचे, बिजली उपलब्धता, प्राकृतिक संसाधनों, कुशल मानव संसाधन और देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच को प्रमुख ताकत के रूप में प्रस्तुत किया गया।
बोरोउज के सीईओ से पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर फोकस
मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण बैठकों में बोरोउज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हजीम सुल्तान अल सुवैदी के साथ बातचीत भी शामिल रही। इस बैठक में पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई।
ओडिशा पहले से ही धातु, ऊर्जा, रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के लिए मजबूत आधार विकसित कर रहा है। ऐसे में यूएई की बड़ी कंपनियों के साथ संपर्क राज्य के औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पहले भी उद्योग जगत के साथ बैठकों में मूल्यवर्धित विनिर्माण, रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के विस्तार पर जोर दे चुके हैं।
भारतीय कारोबारी समुदाय को भी साधने की रणनीति
मुख्यमंत्री ने आबू धाबी में इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल ग्रुप के सदस्यों से भी संवाद किया। इसका उद्देश्य भारत-यूएई आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ यूएई में सक्रिय भारतीय कारोबारी और पेशेवर समुदाय को ओडिशा की निवेश संभावनाओं से जोड़ना है।
सरकार की रणनीति स्पष्ट है कि यूएई में मौजूद भारतीय कारोबारी नेटवर्क को ओडिशा के निवेश, व्यापार और औद्योगिक अवसरों के साथ जोड़ा जाए और राज्य के लिए पूंजी के साथ तकनीक, बाजार और वैश्विक कारोबारी संपर्क भी हासिल किए जाएं।
दुबई में ‘एक जिला, एक उत्पाद’ को वैश्विक बाजार
निवेश अभियान केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है। दुबई में ओडिशा के ‘एक जिला, एक उत्पाद’ उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इसके जरिए राज्य के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय उद्यमों को यूएई के बाजार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
इस पहल का राजनीतिक और आर्थिक महत्व भी है। सरकार बड़े निवेश के साथ-साथ छोटे उद्यमियों, स्थानीय उत्पादों और जिलों की अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार से जोड़ने का संदेश दे रही है।
ओडिशा की औद्योगिक पहचान को वैश्विक ब्रांड बनाने की कोशिश
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान ओडिशा की बदलती औद्योगिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की व्यापक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का संदेश है कि ओडिशा अब केवल खनिज और कच्चे माल की अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मूल्यवर्धित विनिर्माण, ऊर्जा, तकनीक, रसायन, पेट्रोकेमिकल और आधुनिक उद्योगों का बड़ा केंद्र बनेगा।
ओडिशा सरकार पहले भी निवेश संपर्क अभियानों के जरिए देश के विभिन्न औद्योगिक केंद्रों में अपनी संभावनाएं प्रस्तुत करती रही है। हैदराबाद निवेश सम्मेलन में 2025 में 67,000 करोड़ रुपये की निवेश संभावनाएं सामने आई थीं और 13 समझौते 27,650 करोड़ रुपये के थे।
11 सितंबर तक चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री माझी का यूएई निवेश संपर्क अभियान 11 सितंबर तक चलेगा और इसमें आबू धाबी तथा दुबई में कारोबारी, निवेशक और संस्थागत स्तर की कई बैठकें होंगी। कार्यक्रम में यूएई के निवेश संस्थानों, भारतीय कारोबारी समुदाय और अन्य प्रमुख हितधारकों से संवाद के साथ दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत से मुलाकात भी शामिल है।
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