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यूनिसेफ, ओएससीपीसीआर और राज्य सरकार की पहल
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उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने सुनीं किशोरों की समस्याएं और सुझाव
भुवनेश्वर। बच्चों और किशोरों की शासन एवं नीति-निर्माण प्रक्रियाओं में भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ने लोक सेवा भवन में वार्षिक ‘अद्विका वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया। ‘डे फॉर चिल्ड्रेन’ (बच्चों के लिए एक दिन) पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का संयुक्त रूप से राज्य सरकार, ओडिशा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (ओएससीपीसीआर) और यूनिसेफ ने आयोजन किया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ओडिशा के सभी 30 जिलों के किशोर-किशोरियों ने कार्यक्रम में भाग लिया और राज्य नेतृत्व के साथ सीधे संवाद किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार, चिंताएं और आकांक्षाएं साझा कीं।
प्रभाती परिडा ने किशोरों के अनुभवों और चुनौतियों को सुना
उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने किशोरों के अनुभवों और चुनौतियों को सुना तथा उन्हें अपने लक्ष्यों की प्राप्ति और समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
प्रभाती परिडा ने कहा कि युवाओं का विश्वास जीतना और उनकी समस्याओं का समाधान खोजने से शासन को यह समझने में मदद मिलती है कि और बेहतर क्या किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिक्रियाओं और सुझावों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार करने से ओडिशा के विकास को नई दिशा मिलेगी।
बच्चों को सहभागी बनाने की एक उत्कृष्ट पहल
कार्यक्रम के दौरान यूनिसेफ ओडिशा के प्रमुख प्रशांत दास ने कहा कि ‘बच्चों के लिए एक दिन’ की अवधारणा बच्चों को शासन प्रक्रिया का सहभागी बनाने की एक उत्कृष्ट पहल है। उन्होंने कहा कि बच्चों को देश के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था का भागीदार बनाने के लिए इस अवधारणा को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए।
आयोजन प्रतिवर्ष रज पर्व और विश्व बाल दिवस पर
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बच्चों और किशोरों को उन मुद्दों पर अपनी बात रखने का अवसर प्रदान करना है, जो उनके जीवन और भविष्य को प्रभावित करते हैं। ‘अद्विका वार्ता’ का आयोजन प्रतिवर्ष रज पर्व और विश्व बाल दिवस के अवसर पर किया जाता है, ताकि बच्चों और नीति-निर्माताओं के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा मिल सके।
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