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‘आनंद बाजार’, ‘पतितपावन’ और एसजेटीए के आधिकारिक लोगो को भारतीय पेटेंट कार्यालय से मंजूरी
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26 अन्य नामों के लिए भी प्रक्रिया जारी
पुरी। श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) को मंदिर से जुड़े दो महत्वपूर्ण शब्द चिह्नों (वर्ड मार्क) और एक आधिकारिक लोगो के लिए भारतीय पेटेंट कार्यालय से बौद्धिक संपदा संबंधी स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस पहल को भगवान जगन्नाथ की आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, “आनंद बाजार”, “पतितपावन” तथा श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के आधिकारिक लोगो को कानूनी मान्यता मिल गई है। इसके साथ ही प्रशासन ने 26 अन्य नामों और पहचान चिह्नों के पंजीकरण के लिए भी आवेदन किया है, जिन पर भारतीय पेटेंट कार्यालय ने अतिरिक्त जानकारी मांगी है। आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने के बाद इन आवेदनों को भी स्वीकृति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारतीय पेटेंट और ट्रेडमार्क कानूनों के तहत किसी नाम, प्रतीक या लोगो को कानूनी संरक्षण मिलने के बाद उसके अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग, उत्पादन, बिक्री या अन्य प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सकता है। इससे संबंधित अधिकार संबंधित संस्था के पास सुरक्षित हो जाते हैं।
मंदिर प्रशासन ने “जगन्नाथ धाम” नाम के ट्रेडमार्क पंजीकरण के लिए भी आवेदन किया है। श्रीजगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ अरविंद पाढ़ी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल भगवान जगन्नाथ से जुड़े पारंपरिक नामों, धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
प्रशासन का मानना है कि इन नामों और प्रतीकों को कानूनी संरक्षण मिलने से उनके अनधिकृत व्यावसायीकरण और दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी तथा देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक श्रीजगन्नाथ धाम की गरिमा और पवित्रता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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