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430 करोड़ रुपये की 39 परियोजनाओं का शुभारंभ
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650-बेड के आधुनिक टीचिंग अस्पताल का उद्घाटन
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को मयूरभंज जिले को विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए 430 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने बारिपदा स्थित पंडित रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नए 650-बेड वाले अत्याधुनिक टीचिंग अस्पताल भवन का भी उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अस्पताल न केवल मयूरभंज बल्कि पूरे उत्तर ओडिशा और पड़ोसी क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनेगा। लगभग 258 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, उन्नत निदान सेवाओं, विशेषज्ञ चिकित्सा विभागों, आपातकालीन सेवाओं और बेहतर शिक्षण अवसंरचना से सुसज्जित है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि नई स्वास्थ्य परियोजना से लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं घर के नजदीक उपलब्ध होंगी और उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अस्पताल उत्तर ओडिशा का प्रमुख रेफरल सेंटर बनकर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री ने जिले में कुल 39 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 282 करोड़ रुपये से अधिक की 21 परियोजनाओं का शिलान्यास तथा 149 करोड़ रुपये से अधिक की 18 परियोजनाओं का उद्घाटन शामिल है। इसके अलावा लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 83 पेयजल परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया गया, जिससे जिले के कई क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान होगा।
राज्य सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत-गोपबंधु जन आरोग्य योजना के तहत राज्य के 1.30 करोड़ परिवारों के 3.46 करोड़ लोगों को देशभर के प्रतिष्ठित सरकारी एवं निजी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 20 महीनों में जाजपुर, कंधमाल और तालचेर में तीन नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं तथा नवरंगपुर, ढेंकानाल, जगतसिंहपुर और भद्रक में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।
मेडिकल छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानवता की सेवा का पवित्र दायित्व है। उन्होंने छात्रों से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े गरीब, आदिवासी, दलित और वंचित वर्गों की सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य मानने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कोई भी आधुनिक मशीन मरीज की पीड़ा को नहीं समझ सकती। डॉक्टर की संवेदनशीलता, करुणा और मानवीय व्यवहार ही वास्तविक उपचार का आधार है।
कार्यक्रम में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ मुकेश महालिंग समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 650-बेड वाला नया अस्पताल उत्तर ओडिशा की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा और क्षेत्र के स्वास्थ्य परिदृश्य को बदल देगा।
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