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भुवनेश्वर में उच्चस्तरीय बैठक, वृद्ध और दिव्यांगजनों पर फोकस
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राज्य सरकार और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की साझेदारी
भुवनेश्वर। भुवनेश्वर में आज ओडिशा के बदलते जनसांख्यिकीय स्वरूप को ध्यान में रखते हुए वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए समावेशी एवं भविष्य उन्मुख व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रस्तावित “ओडिशा रिसोर्स सेंटर फॉर एजिंग एंड दिव्यांगजन” (ओआरसीएडी) को लेकर आयोजित की गई।
इस परामर्श का आयोजन ओडिशा सरकार के सामाजिक सुरक्षा एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के सहयोग से किया गया। इसमें संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और यूनिसेफ सहित विभिन्न संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
ओआरसीएडी बनेगा राज्यस्तरीय उत्कृष्टता केंद्र
प्रस्तावित ओआरसीएडी को राज्य स्तर पर एक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जो वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए समावेशन, सुगमता और समन्वित सेवाओं को मजबूत करेगा। यह केंद्र विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, साक्ष्य आधारित नीति निर्माण और प्रशासनिक क्षमता विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल “विकसित ओडिशा 2036 और 2047” के विजन के अनुरूप है।
समावेशी और उत्तरदायी प्रणाली पर जोर
प्रधान सचिव सुरेश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि बदलती जनसंख्या संरचना के साथ उत्पन्न हो रही जटिल जरूरतों को पूरा करने के लिए समावेशी और उत्तरदायी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने सभी के लिए सम्मान, स्वतंत्रता और समान अवसर सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ज्ञान और नीति नवाचार का केंद्र बनेगा ओआरसीएडी
निदेशक पारुल पाटवारी ने ओआरसीएडी को एक ज्ञान एवं संसाधन केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि यह केंद्र अनुसंधान, क्षमता निर्माण और नीति नवाचार को बढ़ावा देगा तथा डेटा आधारित निर्णयों को प्रभावी योजनाओं में बदलने में सहायक होगा।
विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी
इस बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्कूल एवं जन शिक्षा, उच्च शिक्षा, मिशन शक्ति, पंचायती राज एवं पेयजल तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों सहित कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। चर्चा के दौरान महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए, जो ओआरसीएडी की संरचना और क्रियान्वयन योजना को और मजबूत करेंगे।
संस्थागत ढांचे का प्रस्तुतीकरण
ओडिशा में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के राज्य प्रमुख डॉ. नदीम नूर ने ओआरसीएडी के प्रस्तावित संस्थागत ढांचे को प्रस्तुत किया, जिसे सामाजिक सुरक्षा एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के साथ मिलकर तैयार किया गया है।
समावेशी विकास की ओर मजबूत पहल
यह प्रस्तावित पहल ओडिशा में समावेशी विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पारंपरिक कल्याणकारी दृष्टिकोण से आगे बढ़कर अधिकार आधारित और संस्थागत समावेशन की दिशा में परिवर्तन सुनिश्चित होगा।
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