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किसानों ने बताई मिट्टी की बेहतर सेहत
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नई तकनीक से बढ़ी उपज
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अम्लीय मिट्टी सुधार में मिल रही सफलता
ढेंकानाल। ओडिशा के कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग के सचिव सचिन रामचंद्र जाधव ने ढेंकानाल जिले के ओडापाड़ा क्षेत्र के कंदबिंदा गांव का दौरा कर इकोलाइम प्लस के प्रदर्शन खेतों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद किया। यह प्रदर्शन राज्य सरकार के सहयोग से चल रही सफर परियोजना के तहत किया जा रहा है।
इस अवसर पर परियोजना के प्रमुख अन्वेषक प्रताप भट्टाचार्य, आईसीएआर की वैज्ञानिक रुबीना खानम और दिलीप आर षाड़ंगी ने इकोलाइम प्लस के लाभ और खेतों में इसके प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इकोलाइम प्लस एक समग्र और उन्नत उत्पाद है, जिसमें फास्फोरस, सिलिकॉन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व मौजूद हैं।
अम्लीय मिट्टी के सुधार में कारगर
वैज्ञानिकों ने बताया कि यह उत्पाद अम्लीय मिट्टी के स्तर को संतुलित करने में सहायक है, जिससे मिट्टी का पीएच बढ़ता है और फास्फोरस की उपलब्धता में सुधार होता है। इसके उपयोग से रासायनिक उर्वरक, विशेषकर डीएपी की आवश्यकता में लगभग 25 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।
किसानों ने साझा किए सकारात्मक अनुभव
कार्यक्रम में शामिल किसानों ने इकोलाइम प्लस के उपयोग के बाद मिट्टी की गुणवत्ता और फसल उत्पादन में स्पष्ट सुधार की बात कही। उन्होंने इसे खेती के लिए लाभकारी और उपयोगी बताया। इस दौरे में ढेंकानाल के जिला अधिकारी, मुख्य जिला कृषि अधिकारी, उद्यानिकी निदेशक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। लगभग 40 किसानों ने इस संवाद कार्यक्रम में भाग लिया।
टिकाऊ कृषि तकनीकों के विस्तार पर जोर
अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी टिकाऊ और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का राज्यभर में विस्तार किया जाना आवश्यक है, ताकि किसानों की आय बढ़े और मिट्टी की सेहत भी बेहतर बनी रहे।
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