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तीन दिनों तक चलेगा दस्तावेजीकरण
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मंदिर के सभी नित्य-नैमित्तिक अनुष्ठान सामान्य रूप से जारी रहेंगे
पुरी। पुरी स्थित 12वीं सदी के श्री जगन्नाथ मंदिर के बाहरी रत्न भंडार की सूचीकरण प्रक्रिया और दस्तावेजीकरण कार्य 8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक किया जाएगा। राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि इस दौरान रत्न भंडार में सुरक्षित विशाल आभूषणों और अलंकारों के संग्रह का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
कानून मंत्री ने स्पष्ट किया कि सूचीकरण पूरा होने के बाद छतीसा नियोग और मंदिर प्रशासन संयुक्त रूप से आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लेंगे। उन्होंने भक्तों को आश्वस्त किया कि दस्तावेजीकरण के दौरान मंदिर के नित्यक्रम, पूजा-पहंडा और सभी अनुष्ठान पूर्ववत चलते रहेंगे तथा श्रद्धालुओं के दर्शन में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं होगा।
हरिचंदन ने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में चल रहे सभी मरम्मत कार्य पूरे हो चुके हैं और किसी प्रकार का कोई कार्य लंबित नहीं है। उनके अनुसार, रत्न भंडार का यह सूचीकरण मंदिर की अमूल्य धरोहर और पवित्र अलंकारों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इसके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
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