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अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी ने 575 किमी तटरेखा की क्षमता बताई
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बंदरगाह आधारित औद्योगिक विकास पर जोर
भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित ग्लोबल समिट ऑन ब्लू इकोनॉमी 2026 में ओडिशा सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं आईडीसीओ की अध्यक्ष उषा पाढ़ी ने राज्य की ब्लू इकोनॉमी के लिए परिवर्तनकारी रोडमैप प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि ओडिशा की 575 किलोमीटर लंबी तटरेखा राज्य के लिए एक बड़ी रणनीतिक ताकत है, जिसका उपयोग आर्थिक विकास के साथ-साथ पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हुए किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार तटीय क्षेत्रों को औद्योगिक विकास, तटीय सुरक्षा और स्थानीय समुदायों की समृद्धि का प्रमुख आधार बनाने की दिशा में काम कर रही है।
इस विजन का मुख्य आधार पोर्ट आधारित शहरीकरण है, जिसमें आधुनिक समुद्री लॉजिस्टिक्स के साथ विश्वस्तरीय शहरी अवसंरचना को जोड़ा जाएगा। इसके तहत पारादीप, धामरा और गोपालपुर बंदरगाहों के पास ब्लू इकोनॉमी औद्योगिक हब स्थापित करने की योजना है। इन हब में समुद्री जैव प्रौद्योगिकी, हरित शिपिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समुद्री प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उषा पाढ़ी ने कहा कि ओडिशा डिजिटल परिवर्तन, औद्योगिक दक्षता और कारोबार करने में आसानी को बढ़ावा देने वाला मजबूत तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह रोडमैप समुद्र आधारित सतत उद्यमों में निवेश करने वाले वैश्विक निवेशकों, उद्यमियों और स्टार्टअप को आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि ब्लू इकोनॉमी के विस्तार के साथ तटीय पारिस्थितिकी की सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता देना जरूरी है। इसके लिए एकीकृत तटीय क्षेत्र प्रबंधन, समुद्री शैवाल की खेती और पर्यावरण अनुकूल समुद्री पर्यटन जैसी पहलें शुरू की जाएंगी, जिससे तटीय क्षेत्रों में सतत आजीविका के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने ओडिशा की समुद्री विरासत और आधुनिक नवाचार को जोड़ते हुए कहा कि राज्य सतत समुद्री प्रबंधन और समुद्री अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए प्रतिबद्ध है।
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