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पीएमएवाई-अर्बन बंधु की शुरुआत
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हर वर्ष 50 एकड़ सरकारी भूमि आरक्षित
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120 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान
भुवनेश्वर। शहरी क्षेत्रों में किफायती आवास को तेज गति देने के लिए ओडिशा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पीएमएवाई–अर्बन बंधु (लाभार्थी सहायता से आवास इकाई विकास संवर्धन) पहल की घोषणा की है। यह पहल प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को और अधिक सशक्त एवं विस्तारित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी ने कहा कि यह कार्यक्रम किफायती आवास के लिए भूमि की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 के अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप घटक के तहत राज्य हर वर्ष 50 एकड़ सरकारी भूमि आरक्षित करेगा। यह पहल संस्थागत समर्थन को मजबूत करने और शहरी स्थानीय निकायों के बीच समन्वय बेहतर बनाकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन को भी सुगम बनाएगी।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता
नई योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभार्थियों को लक्षित सहायता दी जाएगी। साथ ही पात्र भूमिहीन शहरी परिवारों को भी आवास सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मौजूदा कमियों को दूर करते हुए कार्यान्वयन क्षमता को बढ़ाया जाएगा, जिससे शहरों और कस्बों में आवास निर्माण की गति तेज होगी और अधिक परिवारों को लाभ मिल सकेगा।
पीएमएवाई-अर्बन 2.0 के अंतर्गत भूमि की सुनिश्चित उपलब्धता
अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी ने योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पहल किफायती आवास के लिए भूमि की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। पीएमएवाई-अर्बन 2.0 के साझेदारी आधारित किफायती आवास घटक के अंतर्गत राज्य सरकार हर वर्ष 50 एकड़ सरकारी भूमि आरक्षित करेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए पक्के घरों का निर्माण तेज होगा और शहरी ओडिशा में आवास कवरेज का दायरा व्यापक होगा।
2029 तक 90 प्रतिशत पक्के घर का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस पहल के अंतर्गत 120 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को मंजूरी दी है। यह निर्णय शहरी आवास अवसंरचना को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है कि कोई भी पात्र परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे।
राज्य की विकास दृष्टि “विकसित ओडिशा–विकसित भारत” के अनुरूप इस पहल का लक्ष्य वर्ष 2029 तक 90 प्रतिशत परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि आवास केवल आश्रय नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और समावेशी शहरी विकास की मजबूत नींव है।
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