भुवनेश्वर,ओडिशा केंद्रीय विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग ने अपने सुनाबेड़ा परिसर में 29 जुलाई 2024 को संस्कृत व्याकरण पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में प्रोफेसर अनुपमा प्रधान, नव्य व्याकरण विभाग की अध्यक्ष, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी परिसर और प्रोफेसर युधिष्ठिर साहू, संस्कृत विभाग के अध्यक्ष, रवींद्रनाथ विश्वविद्यालय, कटक ने भाग लिया।
माननीय कुलपति, प्रोफेसर चक्रधर त्रिपाठी ने कार्यक्रम की सफलता की शुभकामनाएँ दीं। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रोफेसर एन.सी. पांडा, रजिस्ट्रार (I/C) और भाषाओं के स्कूल के डीन द्वारा किया गया, जिन्होंने सभा को संबोधित भी किया।
प्रोफेसर प्रधान ने ‘शब्दबोध’ पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें उन्होंने संस्कृत भाषा में ध्वनि के महत्व और उसकी समझ को बताया। प्रोफेसर साहू ने संस्कृत व्याकरण के उपयोग और इसके महत्व पर छात्र-छात्राओं से बातचीत की और विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से इसके महत्व को स्पष्ट किया।
इस व्याख्यान कार्यक्रम में फैकल्टी सदस्य डॉ. नबीन कुमार प्रधान, डॉ. देबाशीष कर्माकर, डॉ. संजीव सरकार, डॉ. बिरेंद्र कुमार सादंगी, श्री सत्यमृत मिश्र, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. फगुनाथ भोई और संस्कृत विभाग के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
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