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मंत्री, विधायकों के वेतन को कम से एक साल तक 30 प्रतिशत वेतन कम किया जाए
भुवनेश्वर. कोरोना के मुकाबले करने के परिप्रेक्ष्य में सांसदों की तरह विधायक निधि को भी दो साल के लिए बंद कर इसकी राशि को राज्य के स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास के लिए लगाया जाए. साथ ही मंत्री व विधायकों के वेतन को कम से कम एक साल के लिए तीस प्रतिशत वेतन कम किया जाए.
प्रतिपक्ष के नेता प्रदीप्त नायक ने राज्य सरकार को उपरोक्त प्रस्ताव दिया है. नायक ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट कर कहा कि पूरा देश व राज्य एक मन व एक प्राण होकर कोरोना के साथ लड़ाई लड़ रहा है. ऐसी स्थिति में जनप्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण भूमिका है. सभी विधायकों की विकास निधि (एलएलए लैड) को दो साल के लिए बंद कर इस राशि से राज्य की स्वास्थ्य अवसंरचना का विकास करने के लिए मैं प्रस्ताव देता हूं.
साथ ही सभी विधायकों, मंत्रियों के वेतन को कम से कम एक साल के लिए तीस प्रतिशत कम करने का मैं आग्रह कर रहा हूं. राज्य सरकार इस प्रस्ताव को लागू करे. राज्य की विभिन्न सरकारी संस्थाएं, जैसे विकास परिषद व सरकारी उद्योगों के अध्यक्ष के पद पर बैठे राजनीतिक लोगों के वेतन में भी तीस प्रतिशत की कमी की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्र में जो कदम उठाया है, वैसा ही कदम यहां उठाये जाने की आवश्यकता है.
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