कोलकाता, कोलकाता प्रेस क्लब में परिसर के अंदर “हिन्दुस्थान समाचार” के संवाददाता पर हमले के 15 दिन बीत गए लेकिन अभी भी हमलावर पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।जांच कर रहे सूत्रों ने दावा किया है कि हमलावर प्रशिक्षित अपराधी है और पुलिस को चकमा देने में माहिर है। वारदात वाले दिन भी उसने योजनाबद्ध तरीके से हत्या के इरादे से पत्रकार के सिर के उस हिस्से में हमला किया जहां चोट सबसे घातक होती है। इसके अलावा एक महिला पत्रकार के कैमरे तोड़ दिए ताकि उसकी रिकॉर्डिंग कोई ना कर सके। एक वरिष्ठ पत्रकार को धक्के देकर जमीन पर गिराने की कोशिश की। इसके अलावा प्रेस क्लब में मौजूद अन्य संवाददाताओं तथा कर्मचारियों को भी घायल कर फरार होने की कोशिश की थी। उसने कई लोगों को मारने पीटने की कोशिश की लेकिन जब क्लब के कर्मियों ने उसे पकड़ लिया था तब ऑल इंडिया एकता फाउंडेशन नाम की जिस संस्था का प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रहा था उसके लोगों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल दिया।
घटना को 15 दिन बीत गए हैं लेकिन हमलावर पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। ऑल इंडिया एकता फाउंडेशन का कहना है कि हमलावर उनकी संस्था का सदस्य नहीं है और वे उसे जानते भी नहीं हैं। मैदान थाने के जांच अधिकारी रोशन छेत्री ने बताया कि हमलावर की तलाश में लगातार पुलिस जुटी हुई है। दो लोगों से पूछताछ भी की गई है। आयोजक संस्था के सदस्यों से भी पूछताछ हुई है जिन्होंने उसे जानने अथवा किसी भी तरह से पहचानने से इंकार किया है। छेत्री ने आश्वस्त किया कि उसकी तलाश तेज है और उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
प्रशिक्षित अपराधी है हमलावर
पुलिस के एक अन्य सूत्र ने बताया कि हमलावर एक प्रशिक्षित अपराधी है तथा पुलिस को चकमा देने में भी माहिर है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य जरिए से उसकी तलाश तेज की जा रही है। प्रेस क्लब में हमले को अंजाम देने के बाद क्लब के बंद गेट को फांदकर वह फरार हुआ था। रास्ते में मौजूद सीसीटीवी फुटेज को भी देखा जा रहा है। प्रेस क्लब में सीसीटीवी कैमरे मौजूद होने के बावजूद क्लब के अधिकारियों का कहना है कि उस दिन कैमरे काम नहीं कर रहे थे। पुलिस ने कोलकाता प्रेस क्लब को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का नोटिस भी दिया था लेकिन तकनीकी खामियों की वजह से क्लब कोई फुटेज उपलब्ध नहीं करा सका है।
इस बारे में कोलकाता प्रेस क्लब के अध्यक्ष स्नेहाशीष सूर ने बताया कि घटना को लेकर उन्होंने कोलकाता पुलिस आयुक्त सोमेन मित्रा के पास चिट्ठी भेजी है और घटना की निंदा करते हुए जल्द से जल्द हमलावर की गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही कोलकाता प्रेस क्लब की सुरक्षा भी बढ़ाने की अपील की गई है।
अभी भी दर्द से गुजर रहे हैं घायल पत्रकार
घटना में घायल पत्रकार अभी भी दर्द से गुजर रहे हैं। पत्रकार संगठनों में इस घटना को लेकर गुस्सा है और अभीतक हमलावर की गिरफ्तारी नहीं होने की वजह से प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई संगठनों ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन की भी योजना बनाई है।
साभार – हिस
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