नई दिल्ली। नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का षड्यंत्र सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कॉर्पोरेट जगत में महिलाओं की सुरक्षा और धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन के महासचिव बजरंग बागड़ा ने साेमवार काे बताया कि हमने देश के प्रमुख उद्योग संगठनों को पत्र लिखकर इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
विहिप ने फिक्की, सीआईआई, एसोचैम, नैसकॉम समेत अन्य निकायों से कार्यस्थलों को सुरक्षित बनाने की अपील की है। संगठन का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि कॉर्पोरेट क्षेत्र पर समाज के विश्वास को भी कमजोर करती हैं। बजरंग बागड़ा ने कहा कि टीसीएस नासिक मामले में कुछ कर्मचारियों द्वारा सुनियोजित तरीके से हिन्दू महिला सहकर्मियों को निशाना बनाए जाने की बात बेहद गंभीर है। प्रारंभिक जानकारी यह दर्शाती है कि यह घटनाएं किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं बल्कि संगठित और योजनाबद्ध तरीके से की गई गतिविधियों का हिस्सा हो सकती हैं। टीसीएस के मानव संसाधन विभाग (एचआर) के कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने ऐसे लोगों की भर्ती और तैनाती में भूमिका निभाई, जो बाद में टारगेट करके युवतियों के शोषण में शामिल पाए गए। यह उच्च प्रबंधन की कमी है कि कई मामलों में महिला कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
बजरंग बागड़ा ने उद्योग जगत से अपील की कि भर्ती से लेकर तैनाती तक की प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हमारा संगठन किसी विशेष समुदाय के सभी लोगों को दोषी नहीं ठहराता, लेकिन सामने आए तथ्यों के आधार पर अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है। एक ही तरीके के कई प्रसंग सामने आने के बाद उस समूह के लोगों को नौकरी पर रखने से पहले अतिरिक्त जांच और सावधानी बरती जानी चाहिए। विहिप ने चेतावनी दी है कि यदि कॉर्पोरेट क्षेत्र में सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन संवैधानिक दायरे में रहकर आगे की कार्रवाई करने पर विचार करेगा। साथ ही, उसने यह भी कहा कि वह इस पूरे मुद्दे पर नजर बनाए रखेगा।
साभार – हिस
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