Home / National / कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया
IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया

नई दिल्ली। संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष एवं कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 18 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी सांसदों पर टिप्पणी की और उनके मतदान पैटर्न पर सवाल उठाए।
वेणुगोपाल ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष को दिए पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए उनके मतदान व्यवहार पर न केवल सवाल उठाए बल्कि उनके इरादों पर भी संदेह जताया। यह कार्य संसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना है। प्रधानमंत्री का इस तरह का भाषण शक्ति का दुरुपयोग है और यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
प्रधानमंत्री का यह संबोधन महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 के लोकसभा में पास नहीं होने के एक दिन बाद किया गया था।
वेणुगोपाल ने कहा कि 16 एवं 17 अप्रैल को विपक्षी दलों के सभी सांसदों ने महिला आरक्षण का समर्थन किया था। उन्होंने 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन’ संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम का जिक्र करते हुए मांग की कि महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि 131वें संशोधन विधेयक के जरिए सरकार ने अनुच्छेद 82 में बदलाव कर परिसीमन से जुड़ी संवैधानिक सुरक्षा को हटाने की कोशिश की। विपक्ष का विरोध इसी कारण था, जबकि महिला आरक्षण के प्रति उनका समर्थन स्पष्ट और एकमत था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विपक्षी सांसदों की नीयत पर सवाल उठाना उनके स्वतंत्रता और ईमानदारी पर आक्षेप है। यह न केवल व्यक्तिगत हमला है बल्कि संसद की गरिमा और अधिकारों पर सीधा आघात है। यह विधेयक संविधान की मूल संरचना पर हमला था और उसका गिरना सही था। प्रधानमंत्री का इस पर नाराज होकर राष्ट्र को संबोधित करना और विपक्षी सांसदों पर आरोप लगाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
वेणुगोपाल ने कहा कि संसद की परंपरा और अनुच्छेद 105 के तहत किसी भी सदस्य के भाषण या मतदान पर किसी व्यक्ति, यहां तक कि प्रधानमंत्री को भी टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। ऐसा करना संसद की गरिमा को कमजोर करता है और सांसदों के स्वतंत्र कर्तव्यों में हस्तक्षेप करता है। उन्होंने इसे आचार संहिता का उल्लंघन और विशेषाधिकार का गंभीर हनन बताया।
कांग्रेस नेता ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और इसे विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए ताकि प्रधानमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार कार्यवाही शुरू की जा सके।
साभार -हिस

Share this news

About desk

Check Also

आरक्षण को महिलाओं का हक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, इसे लटकाए रखने के पाप से मुक्ति पाने का अवसर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में सभी दलों से सरकार की …