भुवनेश्वर. ओडिशा में कोरोना के टीका लगने के बाद यदि को व्यक्ति पाजिटिव पाया जाता है, तो उसे कोरोना के टीका का दूसरा डोज नहीं दिया जायेगा. यह जानकारी राज्य सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के निदेशक विजय पाणिग्रही ने गुरुवार को दी. उन्होंने बताया कि अगर कोविद-19 वैक्सीन लगाने वाले व्यक्ति पहली खुराक प्राप्त करने के बाद वायरस से संक्रमित हो जाता है तो वैक्सीन का दूसरा शॉट नहीं दिया जाएगा. पाणिग्रही ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि टीके के पहले शॉट के 42 दिन बाद और दूसरी खुराक के 14 दिन बाद एंटीबॉडी बनती है. इस बीच, राज्यभर में अंतिम चरणों में पहुंचने की तैयारी के साथ 16 जनवरी से ओडिशा में पहले चरण के टीकाकरण के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है. 41 डीप फ्रीजर ओडिशा पहुंच चुके हैं और उन्हें राज्यभर के सभी जिलों में भेजा जाएगा. इस बीच राज्यभर में सभी कोल्ड चेन और टीकाकरण केंद्रों पर टीके भेजे गए हैं. इससे पहले कल राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने ओडिशा के विभिन्न जिलों और नगर निगमों में लगभग 160 केंद्रों में 16 जनवरी से होने वाले कोविद-19 टीकाकरण के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए थे. ओडिशा को कोविशिल्ड वैक्सीन की 4.08 लाख खुराक और पहले लॉट में कोवाक्सिन वैक्सीन की 20000 खुराकें मिली हैं. दोनों टीकों का अपव्यय कारक 1.11 (10 प्रतिशत) है, जबकि प्राप्त किए गए टीकों का 50% पहले खुराक टीकाकरण के लिए जिलों को आपूर्ति किया जाएगा. शेष 50% टीकों को दूसरी खुराक टीकाकरण के लिए समय पर आपूर्ति की जाएगी. दो प्रकार के टीके – कोविशिल्ड वैक्सीन और कोवाक्सिन वैक्सीन छह महीने के शेल्फ जीवन के साथ राज्य को आपूर्ति किए जाएंगे. प्रत्येक कोविशिल वैक्सीन की शीशी में 10 खुराक होती हैं, जबकि प्रत्येक कोवाक्सिन वैक्सीन की शीशी में 20 खुराक होती हैं.
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