
प्रमोद कुमार प्रृष्टि, पुरी
नौ महीने की अवधि के बाद पुरी में स्थानीय निवासियों को आज से श्रीमंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा समेत अन्य देवताओं का दर्शन करने का सौभाग्य मिलना शुरू हो गया है. मंदिर में आज से वार्ड वार दर्शन की व्यवस्था शुरू हो गई हैं. हालांकि मंदिर को 23 दिसंबर को खोला गया था, लेकिन 25 दिसंबर तक सेवायत और उनके परिवार के लोगों के लिए दर्शन की छूट थी. इसके बाद आज से शहरवासियों के लिए दर्शन की व्यवस्था की गयी है. शहरवासियों के लिए चरणबद्ध तरीके से सुबह 7 में30 बजे से रात्रि नौ बजे तक मंदिर में दर्शन के लिए छूट दी गयी. पुरी में कुल 32 वार्ड हैं और हर रोज पांच वार्ड के लोगों को दर्शन की अनुमति है. इसके लिए पहले से ही पर्ची प्रदान की जा चुकी है. इस पर्ची और पहचानकार्ड के आधार पर ही लोगों को प्रवेश अनुमति प्रदान की जा रही है. बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकने के लिए आने वाले हर व्यक्ति की तस्वीर भी ली जा रही है. इसके लिए आठ काउंटर बनाये गये हैं. यहां आने वाले हर व्यक्ति के पहचान पत्र की एक प्रति फोटो खींच कर रखी जा रही है. बाद में यदि कोई भी व्यक्ति शहर के बाहर का पाया गया, तो उसके खिलाफ कोरोना नियम को तोड़ने से संबंधित कठोर कार्रवाई करने की चेतवावनी जिलाधिकारी बलवंत सिंह पहले ही दे चुके हैं.
शहरवासियों के सुचारू रूप से दर्शन के लिए विशेष पुलिस की व्यवस्था की गई है. इसके लिए 40 होमगार्ड और 40 कांस्टेबल के साथ पुलिसबल के 55 सेक्शन तैनात किए गये हैं. पुलिस बंदोबस्त की निगरानी 35 उपनिरीक्षकों, सहायक उप निरीक्षकों, छह पुलिस उपाधीक्षकों और दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों द्वारा की जा रही है. ड्यूटी पर तैनात यह सभी पुलिसकर्मी व श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन कोविद-19 दिशानिर्देशों द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करते हुए भक्तों को परेशानी मुक्त दर्शन सुनिश्चित करने और सुविधा प्रदान करने में मदद कर रहे हैं. जिला पुलिस प्रशासन ने कल पुरी शहर के नागरिकों को पूर्व में उनके सौ प्रतिशत सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है और आने वाले दिनों में इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा की है कि कोविद के दिशानिर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें और सुचारू दर्शन सुनिश्चित करें.
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