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केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को लिखा पत्र
भुवनेश्वर. राज्य सरकार श्री जगन्नाथ कानून 1955 के समान प्रभु लिंगराज मंदिर के लिए भी एक अध्यादेश लेकर आई है. इस परिप्रेक्ष्य में संबलपुर के मां समलेश्वरी मंदिर, जाजपुर के मां बिरजा मंदिर, गंजाम के मां तारा तारिणी मंदिर, नयागढ़ के कंटिलो स्थित श्री नीलमाधव मंदिर के लिए भी इस तरह का अध्यादेश लाने के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अनुरोध किया है. प्रधान ने इस संबंध में पत्र लिखकर अनुरोध किया है. अपने पत्र में कहा है कि राज्य में मंदिर लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ जुड़े हुए हैं, धार्मिक, सामाजिक व सांस्कृतिक जुड़ा हुआ है. पश्चिम ओडिशा के संबलपुर जिले में मां समलेश्वरी मंदिर में दर्शन करने के लिए साल भर लाखों श्रद्धालु आते हैं. पश्चिम ओडिशा के जन पर्व नुआखाई में इस पीठ पर अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं. इसके बाद तारा तारिणी मंदिर देश के सर्वप्रथम 4 शक्तिपीठों में से एक है. यहां पर चैत्र मेला प्रसिद्ध है. इसी तरह जाजपुर जिले के बिरजा मंदिर तथा नयागढ़ जिले के कंटिलो स्थित नीलमाधव मंदिर में भी काफी श्रद्धालु आते हैं. उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि राज्य के इन चारों मंदिरों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार लाना जरूरी है तथा लंबे समय की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ओडिशा विधानसभा गाइडलाइन के अनुसार श्री जगन्नाथ मंदिर कानून 1955 एवं भी श्री लिंगराज मंदिर अधिनियम 2020 के तर्ज पर कानून लाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर प्रतिदिन की मंदिर प्रबंधन भक्तों के लिए उत्तम सुविधा, मंदिर का उन्नतिकरण व विकास किया जा सकता है. इन कार्यों के लिए सशक्त कमेटी गठित करने के लिए भी उन्होंने अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि इन मंदिरों के लिए कानून बनाये जाने के बाद मंदिर मंदिरों में अच्छा प्रबंधन के साथ-साथ उनकी जवाबदेही बढ़ेगी. इसके साथ-साथ उपयुक्त बजट प्रावधान योजना व अनुषंगिक व्यवस्था आदि के लिए भी सहायक होगा.
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