
नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता को एक जनांदोलन में बदल दिया है और उसमें पूरे समाज- शहरी और ग्रामीण दोनों की व्यापक भागीदारी हो रही है। वह यहां पेट्रोलियम उद्योग के स्वच्छता पखवाड़ा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उद्योग ने इस जनांदोलन में महत्वपूर्ण योगदान किया है और इसे पर्याप्त गति दी है। उन्होंने इस गति को और अधिक बढ़ाने और इसके प्रति अधिक समर्पण की अपील की।
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, ‘वर्ष 2022 में भारत अपनी आजादी के 75 साल पूरे कर रहा है। ऐसे में हमें स्वच्छ भारत के अपने स्वप्न को साकार करना चाहिए।’ उन्होंने निजी क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों का भी आह्वान किया कि वे स्वच्छ भारत अभियान में अधिक भागीदारी करें और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को सुझाव दिया कि वे देश के सभी तीर्थ स्थानों और पर्यटन स्थलों पर स्टेट ऑफ द आर्ट शौचालय सुविधाओं का निर्माण करें। उन्होंने ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ और ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियानों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के तेल एवं गैस उपक्रमों को पुरस्कार भी वितरित किए।
श्री प्रधान ने स्वच्छता ही सेवा 2019 और स्वच्छता पखवाड़ा के विजेताओं की इस बात के लिए प्रशंसा की कि उन्होंने कचरा प्रबंधन और एकल इस्तेमाल प्लास्टिक की वस्तुओं के इस्तेमाल को समाप्त करने समेत साफ-सफाई के विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता अभियान चलाए।
इस मौके पर यह स्वच्छता पखवाड़ा पुरस्कार प्रदान किए गये :-प्रथम पुरस्कार-आईओसीएल, द्वितीय पुरस्कार-बीपीसीएल और तृतीय पुरस्कार-ओएनजीसी। विशेष पुरस्कार-एचपीसीएल, स्वच्छता ही सेवा (अभियान) – प्रथम पुरस्कार-एचपीसीएल, द्वितीय पुरस्कार-बीपीसीएल और तृतीय पुरस्कार आईओसीएल को प्रदान किए गए।
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