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डिजिटल इंडिया अब जीवन जीने का एक तरीका बन गया – मोदी

नई दिल्ली। बेंगलुरु टेक समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने 5 साल पहले डिजिटल इंडिया मिशन शुरू किया था। आज मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी है कि डिजिटल इंडिया को अब किसी नियमित सरकारी पहल के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। डिजिटल इंडिया अब जीवन जीने का एक तरीका बन गया है,खासतौर से, गरीबों, अधिकारहीन लोगों और सरकार में काम कर रहे लोगों के लिए। डिजिटल इंडिया का शुक्रिया, हमारा देश अब, एक अधिक मानव केन्द्रित विकास दृष्टिकोण का गवाह बन रहा है। इतने बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल से हमारे नागरिकों के जीवन में बहुत से बदलाव आए हैं। इसके लाभ स्‍पष्‍ट दिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने डिजिटल और टेक समाधानों के लिए सफलातपूर्वक एक बड़ा बाजार तैयार कर लिया है और प्रौद्योगिकी को अपनी हर योजना का मुख्‍य हिस्‍सा बनाया है। हमारा शासन मॉडल ‘प्रौद्योगिकी पहले’(टेक्‍नोलॉजी फर्स्‍ट) है। प्रौद्योगिकी के जरिए हमने मानव गरिमा में वृद्धि की है। लाखों किसान अब एक क्लिक पर वित्‍तीय सहायता पा रहे हैं। कोविद-19 लॉकडाउन के चरम समय में, यह प्रौद्योगिकी ही थी, जिसने भारत के गरीब को समुचित और तत्‍काल सहायता सुनिश्चित की। ऐसी राहत पहले बहुत कम मिल सकी है। अगर भारत विश्‍व की सबसे बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल योजना ‘आयुष्‍मान भारत’का सफलतापूर्वक परिचालन कर पा रहा है, तो इसमें भी प्रौद्योगिकी की बहुत बड़ी भूमिका है। इस योजना ने खासतौर से देश के गरीब तबके को मदद पहुंचाई है। अब उन्‍हें भारत के किसी भी हिस्‍से में उच्‍चस्‍तरीय और वहन योग्‍य चिकित्‍सा सुविधा पाने को लेकर कोई चिंता नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने डाटा एनेलिटिक्‍स की ताकत का इस्‍तेमाल कर बेहतर सेवा और कुशलता सुनिश्चितकी है। इंटरनेट का प्रवेश भारत में करीब 25 साल पहले हुआ था। एक रिपोर्ट के अनुसार देश में हाल में इंटरनेट कनेक्‍शन्‍स की संख्‍या 750 मिलियन को पार कर गई है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इनमें से आधे कनेक्‍शन पिछले सिर्फ चार साल में जुड़े हैं।हमारी योजनाओं के फाइलों से निकल कर लागू हो पाने और लोगों के जीवन में इतनी तीव्र गति से और इतने बड़े पैमाने पर बदलाव आ पाने की मुख्‍य वजह प्रौद्योगिकी ही है। आज, जब हम अपने गरीबों को बड़े पैमाने परतेज गति सेऔर पूरी पारदर्शिता के साथ अपने घर बनाने में मदद कर पा रहे हैं, तो इसके लिए भी प्रौद्योगिकी का ही शुक्रिया अदा करना चाहिए। आज, जब हम हर घर को बिजली मुहैया करा पा रहे हैं, तो इसमें भी प्रौद्योगिकी की मुख्‍य भूमिका है। आज, जब हम टोल बूथों को तेजी से पार कर पा रहे हैं, तो यह भी प्रौद्योगिकी की ही वजह से संभव हुआ है। आज प्रौद्योगिकी ने ही हमें यह आत्‍मविश्‍वास दिया है कि हम अपनी इतनी बड़ी जनसंख्‍या को बहुत कम समय में टीके उपलब्‍ध करा पाएंगे।

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