नई दिल्ली. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एकता समारोह में हिस्सा लिया है। उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की और एकता का संकल्प लेते हुए इस मौके पर आयोजित एकता दिवस परेड में भी हिस्सा लिया।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि केवड़िया के समन्वित विकास के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है, जो इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि अब पर्यटकों के पास सरदार साहब के दर्शन करने और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए समुद्री विमान का विकल्प है।
महर्षि वाल्मीकि द्वारा सांस्कृतिक एकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ सदियों पहले आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने भारत को अधिक प्रगतिशील, ऊर्जावान और सांस्कृतिक रूप से एकीकृत करने के लिए काफी प्रयास किए थे। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि वाल्मीकि जयंती और एकता दिवस दोनों एक ही दिन हैं और जिस प्रकार देश ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए अपनी सामूहिक शक्ति को साबित किया है, वह काफी अभूतपूर्व है।
एकता के नए आयाम
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब कश्मीर विकास के नए रास्ते की ओर बढ़ चुका है और उसके विकास में जो बाधाएं आ रही थीं, वह पीछे रह गई है। उन्होंने कहा कि आज देश में एकता के नये आयाम स्थापित किए जा रहे हैं और पूर्वोत्तर राज्यों में शांति की स्थापना के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं तथा इस क्षेत्र के विकास के लिए अनेक पहल भी की गई है। उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण देश की सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को बनाए रखने का एक प्रयास है और सरदार पटेल ने भी यही सपना देखा था।
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