नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 सितंबर को दिल्ली में ‘विश्व खाद्य भारत 2025′(डब्ल्यूएफआई) के चौथे संस्करण का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन भारत मंडपम में 25 से 28 सितंबर तक होगा। इसे भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन माना जा रहा है। इसमें 21 से अधिक देश, 21 प्रदेश, 10 केंद्रीय मंत्रालय और 5 संबद्ध सरकारी संगठन के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने इसकी जानकारी देते हुए मगंलवार को कहा कि डब्ल्यूएफआई केवल व्यापार मेला नहीं, बल्कि भारत को खाद्य नवाचार, निवेश और स्थिरता के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने का परिवर्तनकारी मंच है। उन्होंने इसे भारत की भविष्य-उन्मुख, समावेशी और दीर्घकालिक खाद्य प्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रतीक बताया। उन्होंने “खाद्य प्रसंस्करण की विभिन्न अवधारणाओं पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न” नामक एक प्रकाशन का विमोचन भी किया, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं में वैज्ञानिक समझ और जागरूकता बढ़ाना है।
उद्घाटन समारोह में रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, चिराग पासवान और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद रहेंगे। डब्ल्यूएफआई में न्यूजीलैंड और सऊदी अरब साझेदार देश होंगे, जबकि जापान, रूस, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम फोकस देश के रूप में भाग लेंगे। कार्यक्रम में 1700 से अधिक प्रदर्शक, 500 अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें 45 से अधिक ज्ञान सत्र, सीएक्सओ गोलमेज बैठकें, वैश्विक खाद्य नियामक शिखर सम्मेलन, भारत अंतरराष्ट्रीय सीफूड शो और रिवर्स क्रेता-विक्रेता मीट आयोजित होगी।
कार्यक्रम की थीम स्थिरता, पोषण, आधुनिक तकनीक, वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की भूमिका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने जैसे पांच मुख्य स्तंभों पर आधारित होगी।
साभार – हिस
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