नई दिल्ली। पाकिस्तान की कैद से 20 दिन बाद कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ की रिहाई का राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। भारतीय जनता पार्टी ने विशेष रूप से इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है।
पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को भारत के सीमा सुरक्षा बल के कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ को वापस भारत भेज दिया। बीएसएफ कांस्टेबल 23 अप्रैल को अपनी ड्यूटी के दौरान गलती से सीमा पार कर गये थे और अबतक पाकिस्तानी रेंजर्स की हिरासत में थे।
भारतीय जनता पार्टी के महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि एक अत्यंत सुखद क्षण है। इसमें भारत की चमक औऱ धमक साफ झलकती है। यह हमारी वीर सेना के शौर्य और प्रधानमंत्री के सशक्त नेतृत्व का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व को उजागर किया है। साथ ही भारत की प्रतिभा और शक्ति प्रदर्शित की है। इसने दर्शाया है कि भारत के लिए हर सैनिक कीमती है और भारतीय सेना अपने सैनिकों की रक्षा करना जानती है।
पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद दिया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पाकिस्तान की हिरासत से सीमा सुरक्षा बल के कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ की रिहाई का बुधवार को स्वागत किया और कहा कि जवान की वापसी सुनिश्चित करने के प्रयासों के दौरान वह लगातार उनके परिवार के संपर्क में थीं।
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रिसड़ा के निवासी कांस्टेबल को पाकिस्तान रेंजर्स ने पंजाब में अटारी-वाघा सीमा पर सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर बीएसएफ के सुपुर्द किया।
उल्लेखनीय है कि पहलगाम आतंकी हमले के एक दिन बाद 23 अप्रैल को पूर्णम कुमार शॉ फिरोजपुर सेक्टर में अभियान संबंधी ड्यूटी करते हुए रात करीब 11 बजकर 50 मिनट पर अनजाने में पाकिस्तान के क्षेत्र में चले गए थे और पाक रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया था।
साभार – हिस
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