नई दिल्ली। दिव्यांगजनों की प्रतिभा, उपलब्धियों और आकांक्षाओं का जश्न मनाने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान में एक दिवसीय ‘पर्पल फेस्ट’ का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महोत्सव का दौरा किया और दिव्यांगजनों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखा।
इस मौके पर राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि वंचित वर्ग के प्रति संवेदनशीलता किसी देश या समाज की प्रतिष्ठा निर्धारित करती है। करुणा, समावेशिता और सद्भावना हमारी संस्कृति और सभ्यता के मूल्य रहे हैं। हमारे संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक न्याय, समान दर्जे और व्यक्ति की गरिमा की बात कही गई है। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि भारत सरकार सुगम्य भारत अभियान के माध्यम से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
आगंतुकों के लिए दिन भर विभिन्न गतिविधियां जैसे खेल, डिजिटल समावेशन और उद्यमिता पर कार्यशालाएं, एबिलिम्पिक्स, रचनात्मक कार्यक्रम और सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘पर्पल फेस्ट’ का उद्देश्य विभिन्न दिव्यांगताओं और लोगों के जीवन पर उनके प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में दिव्यांग व्यक्तियों की समझ, स्वीकृति और समावेश को बढ़ावा देना है।
साभार – हिस
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