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सांसद अपराजिता षाड़ंगी ने की केंद्रीय मंत्री से सीआईएसएफ कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी की मांग
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केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मिलकर भुवनेश्वर हवाई अड्डे के विकास को लेकर हुई चर्चा
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भुवनेश्वर से जम्मू, विशाखापट्टनम, सूरत और जयपुर के लिए जल्द से जल्द नई उड़ानों की शुरुआत की मांग
नई दिल्ली। भुवनेश्वर हवाई अड्डा सलाहकार समिति की चेयरमैन और सांसद अपराजिता षाड़ंगी ने आज केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू किंजरापु से दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान मंत्रालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक में भुवनेश्वर हवाई अड्डे और ओडिशा के नागरिक उड्डयन क्षेत्र की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा हुई। अपराजिता षाड़ंगी ने मंत्री को तीन प्रमुख मांगें सौंपी, जिसमें भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर टर्मिनल-3 के निर्माण की मंजूरी, सीआईएसएफ कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी तथा नई उड़ानों की शुरुआत की शामिल है।
वर्तमान में भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर तैनात 515 सीआईएसएफ कर्मियों की संख्या बढ़ाकर 637 करने का प्रस्ताव दिया गया है, जो पहले ही नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) मुख्यालय को भेजा जा चुका है। सांसद ने भुवनेश्वर से जम्मू, विशाखापट्टनम, सूरत और जयपुर के लिए जल्द से जल्द नई उड़ानों की शुरुआत की मांग रखी गई।
बैठक के बाद अपराजिता षाड़ंगी ने बताया कि मंत्री के साथ यह चर्चा सकारात्मक रही और उन्होंने सभी मांगों को लेकर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वह इन मुद्दों को लेकर लगातार प्रयासरत रहेंगी।

उमेश खंडेलवाल ने किया स्वागत
इधर, हवाई अड्डा सलाहकार समिति के सदस्य उमेश खंडेलवाल ने इस बैठक का स्वागत किया और कहा कि मैडम की सलाह पर भुवनेश्वर हवाई अड्डे का काफी तेजी से विकास हो रहा है। जनवरी से नई उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है और देश के अन्य हिस्सों को जोड़ने के लिए प्रयास जारी है।
यह पहल भुवनेश्वर हवाई अड्डे की सुविधाओं को और बेहतर बनाने और ओडिशा की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से ओडिशा के मारवाड़ी समाज की तरफ से जयपुर के लिए सीधी उड़ान की मांग की जा रही थी। खंडेलवाल ने कहा कि भुवनेश्वर, कटक, पुरी और ब्रह्मपुर समेत पूरे राज्यभर के लोगों की मांगों को लेकर सांसद ने केंद्रीय मंत्री से बात की है। उन्होंने कहा कि जयपुर से सीधी उड़ान शुरू होने से व्यापारियों को काफी मदद मिलेगी और उनका समय बचेगा। आज समय का काफी महत्व है। इसके साथ ही विशाखापट्टन से उड़ान शुरू होने पर पर्यटन का विकास होगा।
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