नई दिल्ली। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने सोमवार को संभल में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा पुलिस पर पथराव, गोलीबारी और आगजनी किए जाने की घटना की घोर निंदा की है।
एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि मुस्लिम नेताओं, मौलाना तथा राहुल गांधी समेत अनेक सपा और कांग्रेस के नेताओं ने जिस प्रकार इस हिंसा का समर्थन किया है, वह भी चिंताजनक है। उन्हाेंने कहा कि ये लोग ऐसी आग से न खेलें, जो अनियंत्रित होकर उनके घरों को भी जला सकती हो। उन्होंने मांग की कि दंगाइयों और उनके पैरोकारों पर रासुका लगा कर उनकी अविलंब गिरफ्तारी हो तथा उनसे सारे नुकसान की भरपाई कराई जाए। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि जिन भी नेताओं ने इस प्रकार की अंधी हिंसा को भड़काया है, वह अंततोगत्वा उसी के शिकार भी बने हैं। हिंसा न तो मुस्लिम समाज के हक में है ना ही इन नेताओं के।
डॉ जैन ने आगे कहा कि हरिहर मंदिर को तोड़कर बनाई गई जामा मस्जिद के सर्वे का आदेश न्यायपालिका द्वारा दिया गया था। प्रशासन केवल न्यायपालिका के आदेश का पालन कर रहा था। यदि किसी को आपत्ति थी तो उनके पास बड़ी अदालत में जाकर इसके क्रियान्वन को रोकने का विकल्प था। पत्थर फेंक कर, आग लगाकर, पुलिस पर गोलियां चलाकर अदालत के आदेश को क्रियान्वित होने से रोकने की कोशिश करने में कौन सी समझदारी है? हमारी न्यायपालिका तो याकूब मेमन जैसे आतंकी को रात 3:00 बजे भी अपना पक्ष रखने का मौका देती है।
उन्हाेंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं के अत्याचारों के अवशेषों के प्रति उनको किसी भी प्रकार का मोह नहीं रखना चाहिए। इससे यह लगता है कि वे उन मुस्लिम आक्रमणकारियों को ही अपना आदर्श मानते हैं। इस मानसिकता से वे अपने प्रति संपूर्ण देश का अविश्वास ही निर्माण कर रहे हैं। विहिप इन नेताओं और मुस्लिम कट्टरपंथियों को चेतावनी देती है कि हिंसा का मार्ग उनके लिए पतन का मार्ग होगा।
साभार – हिस
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