कोलकाता। बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमान्त के आईजी आईपीएस मनिंदर पीएस पवार ने पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में भारत-बांग्लादेश सीमा का महत्त्वपूर्ण दौरा किया। तीन दिनों के इस दौरे में मंगलवार को क्षेत्रीय मुख्यालय मालदा के डीआईजी के साथ उन्होंने सीमा पर परिचालन संबधी तैयारियों का जायजा लिया।
दौरे की शुरुआत में पवार ने एडहॉक एसबी-II बटालियन बीएसएफ की सीमा चौकियों खुटादह, एचसी पुर और जेजे पुर का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने सीमा चौकियों आगरा, आरके वाधवा, कोटालपुर, बीओपी हरिनाथपुर, बीओपी इटाघाटी, बीओपी नांगलभग्गा और बेलडांगा में रात्रि डोमिनेशन पेट्रोलिंग व सुरक्षा नीतियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जवानों से भी मुलाकात की। आईजी पवार ने 12वीं बटालियन बीएसएफ की सीमा चौकियों तिलसन, बीओपी अनुराधापुर, बीओपी समशेर, बीओपी कलईबारी और बीओपी सिरसी का दौरा किया। इस दौरान बटालियन कमांडर ने उन्हें सीमा पार अपराधों और उनकी रोकथाम की रणनीतियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने 70वीं बटालियन बीएसएफ की बीओपी महादीपुर और बीओपी गोपालनगर का दौरा किया।
मनिंदर पीएस पवार ने 115वीं बटालियन बीएसएफ की बीओपी सोवापुर और बीओपी सोवापुर टीपी का भी दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा समीक्षा के बाद सीमा चौकी चांदनीचक, बोयराघाट और मैया पोर्ट तथा बीओपी खंडुआ पर तैनात जवानों और अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा में जवानों के समर्पण और परिश्रम की सराहना की। ब्रीफिंग में क्षेत्र में लागू की गई सुरक्षा नीतियों का विस्तृत विवरण शामिल था, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी कर्मियों को अच्छी जानकारी हो और वे किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुसज्जित हों। इस दौरे ने सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई और जवानों के मनोबल को और मजबूत किया।
साभार – हिस
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