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मुक्ति संग्राम का सूर्य अस्त हुआ

  • स्वतंत्रता सेनानी तथा पूर्व सांसद भवानी चरण पटनायक नहीं रहे

  • राज्यपाल मुख्यमंत्री नवीन पटनायक

  • प्रोफेसर गणेशीलाल ने शोक व्यक्त किया

  • मुक्ति संग्राम का सूर्य अस्त हुआ – धर्मेन्द्र प्रधान

भुवनेश्वर. स्वतंत्रता सेनानी तथा पूर्व सांसद भवानी चरण पटनायक नहीं रहे. गुरुवार रात को उन्होंने अंतिम सांस ली. वे 98 वर्ष के थे. उनके परिवार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि वह आयु अधिक होने से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित थे तथा भुवनेश्वर के कैपिटल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. राज्य सरकार ने राष्ट्रीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार किये जाने की घोषणा की है. 1922 में जन्में पटनायक  स्वतंत्रता सेनानी थे तथा भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने भाग लिया था. वह तीन बार राज्यसभा सांसद रहे.  उन्हें 2018 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था.

उनके निधन पर राज्यपाल प्रो गणेशीलाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गहरा शोक व्यक्त किया है. राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि भवानी चरण पटनायक देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे तथा भारतमाता के महान पुत्र थे. उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देती रहेगी. उन्होंने दिवंगत आत्मा की सदगति की कामना करने के साथ-साथ परिवार के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने शोक संदेश में कहा कि विशिष्ट स्वतंत्रता सेनानी तथा पूर्व सांसद भवानी चरण पटनायक के निधन की खबर सुनकर वह दुखी हैं. एक महान गांधीवादी  नेता के रुप में वह हमेशा स्मरणीय रहेंगे. नवीन ने उनकी आत्मा की सद्गति की कामना करने के साथ-साथ उनके परिवार के  लोगों के प्रति संवेदने व्यक्त की है.

केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने अपने शोक संदेश में कहा कि काफी कम आयु से ही वह भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल हो गये थे. तीन बार राज्यसभा सदस्य रहने के साथ-साथ अपने अंतिम समय तक जनसेवा में अपने आपको उन्होंने जोड़े रखा. उनके देहांत से ओडिशा से देश के मुक्ति संग्रामत के सूर्य का अस्त हो गया है. उन्होंने शोक संतप्त परिवार के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ-साथ  उनकी अमर आत्मा की सद्गति की कामना की है.

राज्यपाल ने भवानी चरण पटनायक के पार्थिव शरीर का किया अंतिम दर्शन

स्वतंत्रता सेनानी तथा पूर्व सांसद भवानी चरण पटनायक के पार्थिव शरीर का राज्यपाल प्रो गणेशीलाल ने अंतिम दर्शन किया. उनके घर में जाकर राज्यपाल ने अंतिम दर्शन करने के साथ-साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

कांग्रेस भवन में स्वतंत्रता सेनानी भवानी पटनायक के पार्थिव शरीर को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

स्वतंत्रता सेनानी तथा पूर्व सांसद भवानी चरण पटनायक के निधन के बाद शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर लाया गया. सुबह साढ़े नौ बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निरंजन पटनायक समेत पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता व कार्यकर्तांओं ने उनका अंतिम दर्शन करने के साथ-साथ श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर कांग्रेस नेता तथा विधायक सुरेश राउतराय, पूर्व मंत्री पंचानन कानुनगो, गुरुपद नंद, शिवानंद राय, रश्मी महाप्तार,  ज्ञानदेव बेउरा व अन्य लोगों ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की.

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