गुवाहाटी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि मोदी सरकार में पूर्वोत्तर क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बीते 75 वर्षों में पूर्वोत्तर की उपेक्षा की गई लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे देश के विकास के इंजन के रूप में बदल दिया है। इस क्षेत्र में हवाई अड्डों की संख्या नौ से बढ़कर 17 हो गई है। अकेले अरुणाचल प्रदेश में तीन नए हवाई अड्डे बनाए गए हैं।
सिंधिया ने गुवाहाटी के एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पूर्वोत्तर में विकास और आपदा राहत के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाए गए हैं। असम और सिक्किम में बाढ़ राहत के लिए केंद्र सरकार ने 11 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोदय पहल के तहत पूर्वोत्तर को भारत के उभरते क्षेत्र के रूप में देखते हुए सरकार ने पर्याप्त निवेश किया है। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) मंत्रालय का बजट कांग्रेस शासनकाल के दौरान 1,750 करोड़ रुपये था। वर्तमान में यह बढ़कर छह हजार करोड़ रुपये हो गया है।
केंद्रीय डोनर मंत्री सिंधिया ने असम को दी जानेवाली वित्तीय सहायता में पर्याप्त वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में असम को कर हस्तांतरण 2.30 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया गया है। यह 2004 से 2014 तक दी गई राशि का लगभग चार गुना है। बाढ़ प्रबंधन निधि के साथ ही सिंधिया ने पूर्वोत्तर में 100 नए डाकघरों की स्थापना करने की भी घोषणा की। उन्होंने असम में सात नए अस्पतालों के साथ दक्षिण एशिया के सबसे बड़े कैंसर अस्पताल नेटवर्क के विकास और गुवाहाटी में आने वाले पहले एम्स का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में पहला राष्ट्रीय डेटा सेंटर असम में स्थापित किया जाएगा। वहीं, 27 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली सेमीकंडक्टर इकाई भी स्थापित की जा रही हैं। इससे क्षेत्र का तकनीकी परिदृश्य बदल जाएगा। सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2024-25 में पूर्वोत्तर में रेलवे विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे असम में 70 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई जा रही हैं। सिंधिया ने बोगीबील पुल और भूपेन हजारिका सेतु जैसी प्रमुख परियोजनाओं के समय पर पूरा किये जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया।
साभार – हिस
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
