नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को रिश्वतखोरी के एक मामले में गुरुवार को सेंट्रल रेलवे के भुसावल स्थित जोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (जेडआरटीआई) के प्रिंसिपल और कार्यालय अधीक्षक को गिरफ्तार किया है। इसमें प्रिंसिपल सुरेंद्र चंद्र जैन और कार्यालय अधीक्षक योगेश ए देशमुख का नाम शामिल है।
सीबीआई के मुताबिक 18 मई 23 से 17 मई 25 की अवधि के लिए रेलवे को वाहन उपलब्ध कराने के लिए वन स्टॉप गवर्नमेंट ई-मार्किट प्लेस (जेईएम) के माध्यम से एक अनुबंध प्राप्त हुआ था। अनुबंध के तहत वाहनों में से एक को कथित तौर पर प्रिंसिपल के लिए तैनात किया गया था।
आराेप है कि इस वाहन के मासिक बिलों को पास करने के लिए प्रिंसिपल रिश्वत मांग रहे थे। शिकायतकर्ता ने जब रिश्वत नहीं दी तो प्रिंसिपल और कार्यालय अधीक्षक लॉग बुक पर हस्ताक्षर नहीं किए। इसके साथ ही यह अनुबंध 25 फरवरी 24 को समाप्त कर दिया गया ।
सीबीआई के मुताबिक चूंकि, फर्म का 18 जनवरी से 25 फरवरी 24 तक की अवधि का बिल लंबित था इसलिए आरोपित पांच हजार की मांग कर रहे थे। बाद में यह रकम बढ़ाकर 10 हजार दी। बाद में दोनों के बीच 9 हजार की लेन देने पर करार हुआ। रिश्वत के तौर पर यह रकम लेते समय सीबीआई की टीम ने आरोपितों को दबोच लिया। इनके परिसर की भी तलाशी ली ।
साभार – हिस
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
