लद्दाख, भारतीय सेना ने रविवार को अग्निवीर गवते अक्षय लक्ष्मण को श्रद्धांजलि दी। वह सियाचिन ग्लेशियर के खतरनाक इलाकों में ड्यूटी के दौरान बलिदान हुए थे। भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।।
फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने कहा कि बर्फ में चुपचाप रहने के लिए जब बिगुल बजेगा, तो वे उठेंगे और फिर से मार्च करेंगे। फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के सभी रैंक सियाचिन की दुर्गम ऊंचाइयों पर ड्यूटी के दौरान अग्निवीर (ऑपरेटर) गवते अक्षय लक्ष्मण के सर्वाेच्च बलिदान को सलाम करते हैं और परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट पर एक संदेश में कहा कि वह दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। भारतीय सेना ने एक संदेश में कहा कि जनरल मनोज पांडे और भारतीय सेना के सभी रैंक सियाचिन की कठिन ऊंचाइयों पर कर्तव्य की पंक्ति में अग्निवीर (ऑपरेटर) गवते अक्षय लक्ष्मण के सर्वाेच्च बलिदान को सलाम करते हैं। भारतीय सेना दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
इससे पहले जून में सियाचिन ग्लेशियर में आग लगने की दुर्घटना में रेजिमेंट मेडिकल ऑफिसर कैप्टन अंशुमान सिंह की मौत हो गई थी, जबकि तीन सैनिकों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई और वे दूसरी डिग्री तक झुलस गए थे।
भारत-पाक नियंत्रण रेखा के पास स्थित सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई वाले युद्ध स्थल के रूप में जाना जाता है। यह भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ग्लेशियर है। यह पृथ्वी पर सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है।
साभार -हिस
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