कोलकाता। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर बंगाल में पृथक गोरखालैंड की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। उत्तर बंगाल में आठ स्थानीय पार्टियां क्षेत्र में अलग राज्य की मांग को लेकर एकजुट हो गई हैं। पार्टियों ने यूनाइटेड फ्रंट ऑफ सेपरेट स्टेट नाम से एक साझा संगठन बनाया है। संगठन बनाने वालेे दलों में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा, कामतापुर प्रोग्रेस पार्टी, कामतापुर पीपुल्स पार्टी (यूनाइटेड), ग्रेटर कूच बिहार पीपुल्स एसोसिएशन, जय बिरसा मुंडा उलगलान, एससी-एसटी-ओबीसी मूवमेंट मंच, भूमिपुत्र यूनाइटेड पार्टी और अखिल भारतीय राजवंशी समाज शामिल है। नए अम्ब्रेला फ्रंट की कोर कमेटी में इनमें से प्रत्येक पार्टी का एक प्रतिनिधि शामिल है। दुर्गापूजा उत्सव के बाद संगठन सिलीगुड़ी में एक मेगा रैली का आयोजन करेगा, इस दौरान वे अपनी मांग रखेंगे। आने वाले समय में कोलकाता और नई दिल्ली में भी इसी तरह की रैलियां आयोजित करने की योजना है।
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा सुप्रीमो बिमल गुरुंग ने कहा कि अब एक बड़े उद्देश्य के लिए एकजुट आंदोलन का समय आ गया है, क्योंकि पूरा उत्तर बंगाल लंबे समय से वंचित रहा है। उन्होंने कहा कि हम इस मामले को केंद्र और राज्य सरकार दोनों के सामने उठाएंगे।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि नए संयुक्त मोर्चे को भाजपा से गुप्त समर्थन मिल रहा है। इसमें यह भी दावा किया गया कि भाजपा के कई निर्वाचित विधायकों ने अतीत में क्षेत्र में एक अलग राज्य के समर्थन में आवाज उठाई है। उल्लेखनीय है कि उत्तर बंगाल में पृथक गोरखालैंड की मांग पर कई बड़े हिंसक आंदोलन हुए हैं। 2017 में 107 दिनों तक चलने वाले भीषण आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी फंस गई थीं।
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