
मुंबई, महाराष्ट्र में कोविड सेंटर फर्जीवाड़ा केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को मुंबई समेत कई शहरों में छापेमारी की है। यह छापेमारी सूरज चव्हाण और सुजीत पाटकर के यहां हुई है, लेकिन ईडी की ओर से अभी नामों की पुष्टि नहीं की गई है।
कोरोना महामारी के दौरान लाइफलाइन कंपनी के घोटाले में ईडी ने मामला दर्ज किया था। राज्य के मुंबई, पुणे सहित कुछ शहरों में ईडी की रेड अभी भी जारी है। अकेले मुंबई शहर में 10 जगहों पर ईडी ने छापेमारी की है। कोरोना काल के दौरान मुंबई में कई कोविड सेंटर बनाए गए थे। ऐसा ही एक कोविड सेंटर मुंबई के दहिसर में शुरू किया गया था। ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत के बेहद करीबी बिजनेसमैन सुजीत पाटकर ने ये कोविड सेंटर बनाया था। इसके लिए सुजीत पाटकर ने रातोंरात एक कंपनी बनाई, जिसे लाइफ़लाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विस नाम दिया गया था।
जानकारी के मुताबिक दहिसर में शुरू किया गया कोविड सेंटर 242 ऑक्सीजन बेड वाला था। सुजीत पाटकर को इसका ठेका मिला था। इसे चलाने के लिए जून, 2020 में बीएमसी से एग्रीमेंट किया गया। ईडी को उनके घर पर छापे के दौरान एक कागज मिला था। इसी के आधार पर आरोप है कि कोविड अस्पतालों में प्रबंधन के लिए बीएमसी के साथ किये गए समझौते के मुताबिक कार्य करने के बजाय घपलेबाजी की गई है।
साभार -हिस
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