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चारधाम यात्रा पर असर पड़ा, गेहूं की फसल हुई खराब, किसान परेशान
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मई महीने में धाम इलाकों में छाया सर्दी का सितम
उत्तरकाशी, चमोली जिले में हो रही भारी बारिश और ओलावृष्टि से जहां फसलों काे नुकसान हो रहा है वहीं मलबा गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं। इससे चारधाम यात्रा पर तो असर पड़ा है। कहने का मतलब यह कि गर्मी के मौसम में भी सर्दी छायी हुई है। गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में भी ठिठुरन बढ़ गई है, जिससे चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या कम हो गई है और लोग गर्म कपड़ों से लिपटे नजर आ रहे हैं।
बुधवार को झमाझम बारिश से यमुनोत्री राजमार्ग पर भूस्खलन होने से ट्रैफिक रोक दिया गया है। मौसम के बदले इस मिजाज से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। फसलें खराब और वज्रपात होने से किसानों के सामने कई मुसीबतें मुंह बाये खड़ी हो गयी हैं। चिन्यालीसौड़ में वज्रपात के कारण लगभग 12 बकरियां की मौके पर ही मौत हो गई है।
बेमौसमी बारिश से गेहूं की खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। चारधाम यात्रा भी पर इसका असर देखने को मिल रहा है। मई का पूरा महीना आज समाप्त हो रहा, लेकिन इस बार मई महीने की तपिश कहीं भी देखने को नहीं मिली। आलम यह है कि सर्दी से बचने के लिए लोगों को गर्म कपड़े पहनने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उधर भारी बारिश के चलते मोरी के सांकरी जखोल मोटर मार्ग पर भारी मलबा आ गया है, जिससे सड़क बाधित हो गई। गंगोत्री तीर्थ धाम के पुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया कि बारिश के बीच चारधाम यात्रा तो जारी है, लेकिन इससे यात्रा पर फर्क पड़ा है। गंगा पुरोहित सभा ठंड से ठिठुर रहे यात्रियों के लिए चाय और झंगोरे की खीर का प्रसाद वितरित किया जा रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि यमुनोत्री हाइवे पर डाबर कोर्ट में लगातार पत्थर गिर रहे हैं, जिससे वहां पर ट्रैफिक रोक दिया गया और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर करने की सलाह दी गई है।
साभार -हिस
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