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झारखण्ड पैसेंजर्स एसोसिएशन के सचिव एवं क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति, दपू रेलवे, कोलकाता के सदस्य प्रेम कटारूका ने रेल मंत्री को लिखा पत्र
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स्टेशन की जगह चलती गाड़ी में यात्रियों की जांच करने का आग्रह

रांची. झारखण्ड पैसेंजर्स एसोसिएशन के सचिव एवं क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति, दपू रेलवे, कोलकाता के सदस्य प्रेम कटारूका ने देश में सभी ट्रेनों की जांच कराने की मांग की है, ताकि कोरोना वायरस से संक्रमित गाड़ियों की पहचान हो सके. उन्होंने इस मांग को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन को एक पत्र लिखा है.
इस पत्र की प्रति प्रधानमंत्री, रेल बोर्ड को भी भेजी है. पत्र में प्रेम ने लिखा है कि मेरी जानकारी के अनुसार, हमारे देश में लगभग 12000 प्लस यात्री गाड़ियां, जिसमें राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, तेजस्वी, वन्दे भारत, सुपरफास्ट, मेल/एक्सप्रेस, फास्ट पैसेंजर्स और पैसेंजर्स ट्रेनें, प्रतिदिन आवागमन करती हैं. इनमें करोड़ों यात्री यात्रा करते हैं. इसलिए यह पता लगाना आवश्यक है कि ये गाड़ियां कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या नहीं. इससे पूरे देश को कोरोना जैसे जानलेवा संक्रमण से बचाया जा सकता है. इसलिए आवश्यक है कि सभी स्तर की यात्री गाड़ियों में ही यात्रा के क्रम में प्रत्येक यात्रियों की जाँच रेलवे चिकित्सा टीम और जिला मुख्यालयों की मेडिकल टीम सुनिश्चित करे कि कोई रेल यात्री कोरोना से संक्रमित तो नहीं है, क्योंकि यात्रा पूरी होने पर स्टेशनों पर एक साथ उतरने वाले हजारों यात्रियों की जाँच सम्भव नहीं है, लेकिन चलती ट्रेन में कम समय में ही सम्भव है.
उन्होंने आग्रह किया है कि कोरोना वायरस की जाँच करने हेतु सुगम उपलब्ध संसाधन जांच मीटर की समुचित व्यवस्था कराने की कृपा करें. साथ ही सभी राज्यों के माननीय मुख्यमंत्री, स्वास्थय मंत्री और मुख्य सचिव आदि से वार्ता कर कोरोना से देशवासियों को संक्रमित होने से बचाने के लिए आगे आकर ठोस कदम उठाने चाहिए, जिससे कोरोना संक्रमित यात्री भीड़ में घुल-मिल न सके. उन्होंने उम्मीद जतायी है कि इसे संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जायेगी.
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