नई दिल्ली, पंचायती राज मंत्रालय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पंचायती राज संस्थानों के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत ऑनलाइन लेखा परीक्षा तथा रिलीज प्रक्रिया पर राज्यों के साथ परामर्श के लिए बैठक बुलाई है।
बैठक की अध्यक्षता पंचायती राज मंत्रालय के सचिव सुनील कुमार करेंगे। बैठक में पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार और संयुक्त सचिव आलोक प्रेम नागर उपस्थित रहेंगे। बैठक में स्थानीय निधि और लेखा परीक्षा महानिदेशालय के प्रतिनिधियों के साथ राज्यों के पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
पंचायती राज मंत्रालय, वित्त मंत्रालय के संचालन दिशा निर्देशों के अनुसार राज्यों को 15वें वित्त आयोग का अनुदान जारी करता है। 15वें वित्त आयोग ने निर्धारित किया है कि केवल उन्हीं राज्यों व आरएलबी को वित्त वर्ष 2021-2022 से अनुदान प्राप्त होगा, जिनके अनंतिम व ऑडिट किये गये दोनों खाते सार्वजनिक डोमेन में ऑनलाइन हैं। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार 2021-22 तथा 2022-23 के लिए राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कम से कम 25 प्रतिशत आरएलबी के पास पिछले वर्ष के लिए स्थायी खाते हों और पिछले वर्ष के पहले के ऑडिट किये गये खाते सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हों, ताकि वे पूर्ण अनुदान के लिए पात्र हो सकें। 2023-2024 के लिए राज्यों को कुल अनुदान केवल उन आरएलबी को प्राप्त होगा जिनके पास पिछले वर्ष के लिए अनंतिम खाते और सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध होने से पहले वर्ष के लिए ऑडिट किये गये खाते हैं।
15वें वित्त आयोग ने यह भी तय किया है कि 2024-2025 से स्थानीय निकायों को अनुदान जारी करने के लिए राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) का गठन किया जाए। जिन राज्यों ने एसएफसी का गठन नहीं किया है, उन्हें एसएफसी गठित करना चाहिए, उनकी सिफारिशों पर कार्य करना चाहिए और मार्च 2024 को या उससे पहले विधायिका के समक्ष एटीआर रखना चाहिए। मार्च 2024 के बाद एसएफसी के संवैधानिक प्रावधान का अनुपालन नहीं करने वाले राज्यों को कोई अनुदान जारी नहीं किया जाएगा।
साभार -हिस
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